जिन्होंने घर में कुत्ता पाला हुआ है और नगर निगम के पशु चिकित्सा अनुभाग में उन्होंने पंजीकरण नहीं करा रखा है तो उनके खिलाफ केस दर्ज होगा। साथ ही कुत्ता भी जब्त किया जा सकता है। पंजीकरण के साथ ही कुत्ते को रेबीज वाला टीका लगाना अनिवार्य है।
उत्तराखंड मुख्य सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने दून नगर निगम के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वी सती को इस संबंध में सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा की गई कार्यवाही की रिपोर्ट सूचना आयोग को देने को भी कहा गया है।
आरटीआई कार्यकर्ता भूपेंद्र कुमार ने राजधानी में अधिकतर पालतू कुत्तों के नगर निगम में पंजीकरण न होने की शिकायत सूचना आयोग में की थी। आरोप लगाया गया कि नगर निगम प्रशासन भी इस मामले में बेहद सुस्त है। इस पर सुनवाई के बाद मुख्य सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने नगर निगम प्रशासन को आदेश दिए कि वह पालतू कुत्तों का पंजीकरण करने के लिए व्यापक अभियान चलाए।