रुड़की के लंढौरा में हुए बवाल को लेकर भाजपा उत्तराखंड सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही भाजपा ने पूरे प्रकरण की जांच करने के लिए एक कमेटी का गठन किया है।
बवाल में पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के ताऊ समेत 13 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। गुरुवार को रुड़की पुलिस ने इन 13 लोगों को हिरासत में लिया। इसके साथ ही बुधवार को हुए इस मामले में चार मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
उक्त दो मुकदमे पुलिस की ओर से और दो मुकदमे दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराए गए हैं। फिलहाल, क्षेत्र में भारी पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात हैं।
कस्बे में बुधवार को मामूली बात पर बवाल हो गया। इस दौरान पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी में एसएसपी समेत करीब 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। बेकाबू भीड़ ने चौकी पर पथराव करते हुए पुलिस के वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के रंगमहल में घुसकर पांच वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज और हवाई फायरिंग कर दी। इस दौरान 20 से ज्यादा लोग चोटिल हुए हैं। बुधवार शाम करीब चार बजे आईजी गुंज्याल ने हालत पर काबू पाने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई। तनाव के मद्देनजर कस्बे में पुलिस, पीएसी तैनात करते हुए धारा-144 लागू कर दी है।
कस्बे में पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के परिवार की करीब 50 दुकानें हैं। इनमें मरगूबपुर गांव का हाफिज महबूब एक दुकान में टोपी, कुरआन, तस्बीह आदि बेचने का काम करता है। बुधवार सुबह चैंपियन के ताऊ राजकुमार कृष्ण सिंह ने हाफिज की दुकान खाली कराई गई।
आरोप है कि सामान निकालने के दौरान पवित्र कुरआन की एक प्रति भी बाहर फेंक दी गई। धर्मग्रंथ के अपमान की खबर से कस्बे और आसपास के गांव से समुदाय के लोग लंढौरा चौक पहुंचे और विरोध में रुड़की-लक्सर मार्ग व मंगलौर मार्ग पर जाम लगा दिया।