65 माध्यमिक विद्यालय मुखिया के बगैर संचालित हो रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित 108 स्वामी सच्चिदानंद राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज में तीन वर्ष से प्रिंसिपल नहीं हैं। इस विद्यालय के साथ-साथ जीआईसी पीड़ा-धनपुर, बाड़ा, पित्रधार, खेड़ाखाल, टैठी, जवाड़ी, ग्वेफड़, खांकरा और राजकीय हाईस्कूल भुनका समेत 13 विद्यालयों का चार्ज राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग की प्रधानाचार्या डॉ. ममता नौटियाल के पास है।
जीआईसी रतूड़ा के प्रधानाचार्य के पास भी तीन अन्य स्कूलों का चार्ज है। खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को भी प्रधानाचार्य का अतिरिक्त जिम्मा दिया गया है। अगस्त्यमुनि के बीईओ केएल रड़वाल के पास भीरी, भणज, बष्टी, मणिपुर समेत छह स्कूलों, जखोली बीईओ के पास पांच और एबीईओ ऊखीमठ के पास बीईओ के अलावा तीन इंटरमीडिएट कॉलेजों का चार्ज है।
अधिकारियों का पूरा महीना अन्य स्कूलों के वेतन, पेंशन, पेंशन संशोधन, सेवानिवृत्ति से जुड़े मामलों को निपटाने में ही गुजर रहा है। जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी सीएन काला ने बताया कि जनपद में प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक के रिक्त पदों की सूची पहले ही निदेशालय को भेजी जा चुकी है। पदोन्नति और स्थानांतरण पर ही रिक्त पदों की पूर्ति संभव है।
राज्य में प्रधानाचार्यों की कमी बनी हुई है। इसे देखते हुए कुछ जिलों में वरिष्ठतम प्रधानाचार्यों को डीडीओ बनाया गया है। प्रधानाचार्यों की कमी को दूर करने के लिए प्रधानाचार्य सेवा नियमावली को संशोधित किया जा रहा है। संशोधन के बाद प्रधानाचार्यों के कुछ पद सीधी भर्ती से भरे जा सकेंगे।
-आरके कुंवर, निदेशक विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखंड