मुख्यमंत्री के ओएसडी जगदीश चंद खुल्वे धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष करम राम और प्रदेश महासचिव हरि सिंह से मुलाकात की। इस दौरान फेडरेशन के दोनों नेताओं ने उन्हें अपना मांग पत्र सौंपा। खुल्वे ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे मुख्यमंत्री को उनकी भावना से अवगत कराएंगे।
फेडरेशन में जुड़ेगा ओबीसी का नाम
फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष करम राम ने कहा कि उत्तराखंड ओबीसी महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या ओबीसी कर्मचारी महारैली में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि फेडरेशन के नाम में भी पविर्तन होगा। अब उसका नाम एससी एसटी ओबीसी इंप्लाइज फेडरेशन किया जाएगा।
इन्होंने किया संबोधन
सभा को ओबीसी महासभा के मुख्य संयोजक विजय सिंह पाल, अल्पसंख्यक समाज के हाजी हुसैन अहमद, एससी एसटी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मदन शिल्पकार, शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय भाटिया, उत्तराखंड जनजाति कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष चंद्र सिंह ग्वाल, जौनसार बाबर शिक्षक समिति के अध्यक्ष रघुवीर सिंह तोमर, सचिवालय कार्मिक संघ के सचिव कमल कुमार, संयुक्त सर्व समाज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राम बचन सिंह राजभर, रणवीर सिंह तोमर, चंद्रशेखर, मटन लाल, जितेंद्र सिंह बुटोईया, प्रमोद कुमार समेत कई अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
ये हैं प्रमुख मांगें
- सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन सशर्त आरक्षण रोस्टर के अनुसार ही डीपीसी प्रारंभ हो
- कौशिक समिति रिपोर्ट आने तक वर्ष 2001 के आरक्षण रोस्टर के आधार पर ही हो सीधी भर्ती
- अन्य पिछड़ा वर्ग को शासकीय सेवा में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, प्रमोशन में भी आरक्षण मिले
- राज्य के विभिन्न विभागों में बैकलाग के रिक्तपदों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए
- संविदा और आउटसोर्स की नियुक्ति प्रक्रिया में आरक्षण का शत प्रतिशत अनुपालन किया जाए
- यदि सरकार आरक्षण प्रदान नहीं करती है तो ये वर्ग सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन पर विचार करेगा