ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश में उत्तराखंड राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (यूएनएलयू) के खुलने की राह आसान हो गई है। सोमवार को कैबिनेट की बैठक में उत्तराखंड राष्ट्रीय विधि विवि अधिनियम 2011 में संशोधन कर दिया गया। इसके तहत अब राज्य सरकार तय करेगी कि विवि का मुख्यालय कहां बनेगा। इसके लिए सरकार जल्द ही ऊधमसिंह नगर के अलावा कहीं और भी जमीन की तलाश कर सकती है।
प्रदेश के हजारों युवा हर साल राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में दाखिले की कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) में शामिल होते हैं। चयनित होने के अवसर कम हैं, क्योंकि प्रदेश में राष्ट्रीय विधि विवि नहीं है। इसकी स्थापना के लिए सरकार ने वर्ष 2011 में अधिनियम पास किया था। इसके तहत ऊधमसिंह नगर के खुर्पिया फार्म और पराग फार्म में 25 एकड़ भूमि पर इसकी स्थापना की जानी है। विवि की स्थापना में लंबे समय से कई अड़चनें आने की वजह से अटकी हुई थी। सरकार ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक में इस विवि के अधिनियम की धारा 3 की उपधारा 4 में संशोधन कर दिया है। इसके तहत अब विवि का मुख्यालय ऐसे स्थान पर होगा, जहां सरकार तय करेगी। इस बदलाव से जल्द ही विधि विवि की स्थापना का सपना पूरा हो सकता है।