ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। मतदान के दिन जिले में एक और कर्मचारी की ब्रेन हेमरेज से मौत हुई थी। ओएनजीसी के इस कर्मचारी की ड्यूटी विकासनगर क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय अंबाड़ी में लगी थी, जिसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन, हालत गंभीर होने पर उसे सिनर्जी अस्पताल पहुंचाया। तीन दिन बाद उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में भी प्रशासन के पास अब तक कोई जानकारी नहीं है। इससे पहले रिंग रोड स्थित एक बूथ पर तैनात कर्मचारी की इसी तरह मौत हो चुकी है।
विजय प्रताप सिंह ओएनजीसी में माली के पद पर तैनात थे। उनकी ड्यूटी विकासनगर क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बूथ-20 पर लगी थी। यहां पीठासीन अधिकारी रायपुर पीजीटी के प्रवक्ता दिनेश रतूड़ी थे। मतदान के दिन दोपहर करीब दो बजे विजय प्रताप सिंह को चक्कर आया और वे जमीन पर गिर गए। साथी कर्मचारी उन्हें तत्काल विकासनगर स्थित सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन, हालत खराब होने पर उन्हें ओएनजीसी अस्पताल लाया गया। वहां भी विजय प्रताप सिंह की हालत में सुधार नहीं हुआ। इस पर उन्हें सिनर्जी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उन्होंने 14 अप्रैल को दम तोड़ दिया। इस मामले में प्रशासन के पास अब तक कोई सूचना नहीं है। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि यदि उनके पास कोई सूचना आती तो वे बीमा क्लेम के लिए फाइल आगे बढ़ाएंगे।
ट्रैक करने की नहीं है व्यवस्था
मतदान ड्यूटी के दौरान बीमार व्यक्ति के स्थान पर दूसरे कर्मचारी को तत्काल लगाया जाता है। मगर, उसके बाद बीमार व्यक्ति कहां गया या उसके साथ क्या हुआ इसे ट्रैक करने की कोई व्यवस्था नहीं है। सहायक निर्वाचन अधिकारी देहरादून पीएस रावत ने बताया कि यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो परिवार को ही सूचित करना होता है। उसके बाद ही बीमा आदि का लाभ दिलाने की प्रक्रिया को अमल में लाया जा सकता है।
इस स्थिति में बीमा कैसे मिलेगा पूछेंगे आयोग से
यदि किसी मतदानकर्मी की मृत्यु हादसे में होती है या बूथ पर ही उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके लिए बीमा का प्रावधान है। यानी तत्काल उसे बीमा क्लेम दे दिया जाता है। सहायक निर्वाचन अधिकारी देहरादून पीएस रावत ने बताया कि इस तरह की स्थिति में क्या हो सकता है। इसके लिए आयोग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। विजय प्रताप और इससे पहले मनीराम का नाम मीडिया में आई खबरों से पता चला है। यदि उनके परिवार वाले संपर्क करते हैं तो बीमे के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।