ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
हमारी उच्च शिक्षा नीति ऐसी होनी चाहिए, जिसमें अखंडता का समावेश हो। ज्ञानकुंभ के तकनीकी सत्र में पहुंचे नागालैंड के राज्यपाल पीबी आचार्य ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि हम अपनी पहचान के मुताबिक अपनी शिक्षा नीति में बदलाव करें।
नागालैंड के राज्यपाल पीबी आचार्य ने कहा कि आज हमारे प्रदेशों में अलग-अलग राज्यों के छात्र अध्ययन करते हैं लेकिन वह सांस्कृतिक तौर पर कभी जुड़ नहीं पाते। न ही किसी किताब में उन्हें अखंड भारत का पाठ पढ़ाया जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें सबसे पहले पूरे देश को एक सूत्र में बांधना होगा। हमारे युवा जब एकजुट होंगे तो निश्चित तौर पर देश का विकास होगा। उन्होंने कहा कि हमारे विश्वविद्यालयों में ऐसी शिक्षा होनी चाहिए, जिससे कि गरीब को समर्थ बनाने की सीख दी जाए। यहां शोध केवल किताबी होते हैं। उन्हें व्यवहारिक तौर पर आगे लाना होगा।
ज्ञानकुंभ में पहुंचे मणिपुर के उच्च शिक्षा मंत्री थोकचोम राधेश्याम ने कहा कि हमारी शिक्षा नीति केवल पढ़ाई से नौकरी पर सीमित है। हमें ऐसी शिक्षा नीति तैयार करनी होगी, जिसमें नौकरी के बजाय समग्र विकास का आधार तैयार हो।
झारखंड की उच्च शिक्षा मंत्री डा. नीरा यादव ने कहा कि हमने शिक्षा में सुधार के लिए सीबीसीएस सिस्टम तो लागू कर दिया लेकिन हमारे पास संसाधनों की भारी कमी है। सबसे पहले इस चुनौती से निपटना होगा। मेघालय के उच्च शिक्षा मंत्री लेकमैन राइंबुई ने कहा कि हमने प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा दिया, जिससे शिक्षा का निजीकरण हो गया। आज हमारे विश्वविद्यालयों से एक-एक हजार पीएचडी होती हैं लेकिन किसी काम की नहीं। इसमें बदलाव की जरूरत है। हिमाचल प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि वह शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए सभी सरकारी स्कूलों के एल्युमिनाई को एकजुट कर रहे हैं। इसके अलावा 500 मेधावियों को सरकार इंजीनियरिंग, सिविल सेवा, मेडिकल की मुफ्त कोचिंग देने जा रही है।
तक्षशिला, नालंदा जैसी पहचान लौटानी होगी
ज्ञानकुंभ के तकनीकी सत्र में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि समय के साथ हमारी शिक्षा पद्धति भी बदलती चली गई। पहले मुगल और इसके बाद अंग्रेजों के आने के बाद हमारी शिक्षा पद्धति का पश्चिमीकरण होता चला गया। हमें अपनी पहचान दोबारा पानी है। उन्होंने बताया कि यूपी में किस तरह से सरकार बदलाव कर रही है। इस बार बोर्ड परीक्षाएं केवल 16 दिन में पूरी कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा की तर्ज पर ऑनलाइन तबादला नीति लागू की गई, जिससे काफी आसानी हुई। जल्द ही शिक्षकों के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में अपीलीय प्राधिकरण का गठन होने जा रहा है।
हरियाणा बनाएगा संस्कृत बोर्ड
ज्ञानकुंभ में पहुंचे हरियाणा के उच्च शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा ने कहा कि उन्होंने प्रदेश में कक्षा छह से 12वीं तक संस्कृत को अनिवार्य विषय बना दिया है। जल्द ही उनकी सरकार संस्कृत बोर्ड का गठन करने जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सूरज की पहली किरण भगवा है, उसी तरह से हम भी भगवाकरण कर रहे हैं। उन्होंने चार साल में 40 महिला महाविद्यालय खोलने की जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी शिक्षक यदि किसी अहम पद पर आसीन है तो वह सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने मूल विभाग में जाकर क्लास जरूर लेगा। फिर चाहे वह कुलपति हो या कुलसचिव।