पालिका में शामिल होने का ग्रामीणों का विरोध
--बडोवाला और कालूवाला के ग्रामीणों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। शासन से आनन फानन में नगर पालिका डोईवाला में दो ग्राम सभाओं बडोवाला और कालूवाला को शामिल करने पर रोक लग सकती है। ग्रामीणों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। मामला गैरसैंण में चल रहे सत्र के बाद पूरी तरह से साफ हो सकेगा। सीमा विस्तार की अंतिम अधिसूचना जारी के कई दिनों बाद एकाएक शासन की ओर से नगर पालिका सीमा विस्तार में ओर बढ़ोतरी करते हुए दो ग्राम सभाएं बडोवाला और कालूवाला को नगर पालिका में शामिल करने का निर्णय हुआ था। पांच दिसंबर को नगर पालिका डोईवाला ने शासन के निर्देश पर सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए दोनों ग्राम सभाओं को नगर पालिका में शामिल कराने का प्रस्ताव शासन में भेज दिया था।
इन ग्राम सभाओं के ग्रामीणों द्वारा नगर पालिका सीमा विस्तार के तहत वार्ड गठन की प्रक्रिया के बीच में शासन द्वारा दोनों ग्राम सभाओं को डोईवाला पालिका में शामिल करने का प्रस्ताव मांगा गया था। शुक्रवार को क्षेत्र पंचायत सदस्य पंकज रावत, कालूवाला प्रधान उमा शाही, बडोवाला प्रधान कुसुम मनवाल, शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली आदि तमाम जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सीएम के ओएसडी धीरेंद्र पंवार को ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया था। ओएसडी धीरेंद्र पंवार ने बताया कि जनभावनाओं के अनुरूप मामले का संज्ञान लेकर सीएम कार्यालय की ओर से दोनो ग्राम सभाओं को यथावत रखने को कहा जा रहा है।
चकचौबेवाला के लोगों ने उठाई पृथक होने की मांग
डोईवाला। जौलीग्रांट ग्राम सभा का हिस्सा बने चकचौबेवाला गांव को नगर पालिका डोईवाला से अलग रखने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बैठक की। मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी संदीप सिंह के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा गया। आयोजित बैठक में वक्ताओं ने बताया कि चकचौबेवाला गांव जौलीग्रांट से करीब आठ किमी दूर थानों परिक्षेत्र में आता है। पूर्व में बनाई गई व्यवस्थाओं में खामियां आने से गांव जौलीग्रांट में आ गया था। जबकि इस क्षेत्र को समीपवर्ती ग्राम सभा कोटि में शामिल कराना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में मनोज रावत, बलवंत सिंह नेगी, गोपाल सिंह नेगी,जयपाल सिंह, सैनपाल सिंह, रमेश सिंह,पदम सिंह पंवार, सुरेश, नरेश, हरि पंवार आदि मौजूद थे।