मनरेगा कार्यों में घोटाला कर सरकारी धनराशि के गबन करने के मामले में ग्राम प्रधान एवं ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) से आधी-आधी रकम वसूली जाएगी। इसके साथ ही आरोपी वीडीओ की एक साल तक एक वर्ष तक कोई वेतनवृद्धि नहीं होगी। प्रधान पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को संस्तुति करते हुए भेजी दी गई है।
रुड़की विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेहवड़ खुर्द में उर्फ नागल में हुए मनरेगा कार्यों में अनियमितताएं किए जाने के आरोप लगाते हुए पांच अक्तूबर 2016 को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से शिकायत की गई थी। जिस पर एडीओ पंचायत सुखवीर सिंह चौहान की जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं पाई गई थीं। ग्राम विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार की ओर अपना जवाब खंड विकास अधिकारी को दिया गया था, लेकिन बाद में सहायक विकास अधिकारी की जांच में भी मनरेगा में किए गए कार्यों में भारी गड़बड़ी मिली। जांच रिपोर्ट पर अब जिला विकास अधिकारी पुष्पेंद्र चौहान की ओर से एक लाख 12 हजार एक सौ रुपये की सरकारी धनराशि का गबन करने पर प्रधान एवं वीडीओ के खिलाफ कार्रवाई के आदेश कर दिए गए हैं। जिनमें गबन की गई एक लाख 12 हजार एक सौ रुपये में आधी रकम यानि 56 हजार 50 रुपये ग्राम प्रधान आदेश कुमार से वसूली करने तथा 56 हजार 50 रुपये की राशि ही वीडीओ राजेंद्र कुमार के वेतन से काटने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा आरोपी वीडीओ की आगामी एक वेतनवृद्धि एक वर्ष के लिए अस्थायी रूप से रोकने एवं संबंधित ग्राम प्रधान के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को संस्तुति करते हुए पत्र भेजा गया है। इस कार्रवाई से घोटाला करने वाले ग्राम प्रधानों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।