ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
दून अस्पताल के बाहर से जांच कराने के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि दून अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज को बाहर की लैबोरेटरी से 1300 रुपये की जांच लिखी थी। इस मामले में चिकित्सा अधीक्षक ने दो सदस्यीय टीम गठित कर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी है।
जानकारी के अनुसार सुभाष त्यागी निवासी राजपुर रोड 25 अप्रैल को अपनी बेटी का इलाज कराने दून अस्पताल आए थे। उन्होंने यहां एक डॉक्टर से परामर्श किया। आरोप है कि डॉक्टर ने कुछ टेस्ट दून अस्पताल के बाहर डॉ. रानू पैथोलॉजी सेंटर से कराने के लिए स्लिप थमा दी। इस जांच में 1300 रुपये लगे। इसकी शिकायत त्यागी ने गत चार मई को मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की थी। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गत छह मई को चिकित्सा अधीक्षक दून अस्पताल को इस मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस मामले में चिकित्सा अधीक्षक दून अस्पताल डॉ. केके टम्टा ने बताया कि उन्होंने दून मेडिकल कॉलेज के दो चिकित्सकों की टीम गठित की है। इस मामले की रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी गई है। डॉ. टम्टा ने बताया कि कुछ टेस्ट ऐसे हैं जो दून अस्पताल में नहीं होते हैं, जिनके बारे में वहां बोर्ड भी लगा है। इस मामले में जो टेस्ट दून अस्पताल में होते हैं यदि उनमें से ही किसी टेस्ट को बाहर कराने को लिखा गया है तो निश्चित रूप से डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह सब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।