ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
थराली विस का उपचुनाव करीबी अंतर से हारने के बाद कांग्रेस में चल रहे आलोचनाओं के दौर पर पूर्व सीएम मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा बयान की है। हार के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराने वाले कांग्रेसियों को उन्होंने सलाह दी है कि वे थराली के संदेश को समझें। उनका कहना है कि यह एकजुटता के साथ आगे बढ़ने का समय है। यदि ऐसा होता है तो पूरा प्रदेश कांग्रेस के साथ खड़ा हो जाएगा।
सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के जरिए उन्होंने थराली के संदेश को आंकड़ों से बयान किया। उन्होंने लिखा है, मैं पार्टी के विशेषज्ञों को बताना चाहता हूं कि वर्ष 2017 में रुद्रप्रयाग में कांग्रेस को 1045 वोट मिले और इस उपचुनाव में 1093 वोट मिले। नारायणबगड़ में 7371 वोट थे, उपचुनाव में 7814 वोट हासिल किए। थराली में 4710 वोट थे इस समय 5655 वोट प्राप्त हुए। देवाल में 2017 में 3592 वोट मिले थे, वर्ष 2018 मे 3959 वोट प्राप्त हुए। अर्थात नंदप्रयाग में हम इस बार 48 वोट, घाट में 1649, नारायणबगड़ में 443 और थराली में 945 वोट बढ़ा पाए। देवाल में हम 367 वोट बढ़ा पाए।
उन्होंने लिखा कि ‘उपचुनाव में कांग्रेसजनों ने अभूतपूर्व श्रम किया। बिना संसाधन के बड़ी लड़ाई लड़ी। ये समय नहीं था इन सब बातों को उठाने का। थराली का संदेश स्पष्ट है । मिलकर के खड़े हो, आगे बढ़ो, उत्तराखंड तुम्हारे साथ खड़ा हो जाएगा।’ यदि अब भी समझ आ रही हो, तो मेरे भेजे गए इन आंकड़ों के संदेश को समझने का प्रयास करो। उन्होंने खेद जताया कि कुछ लोग देहरादून में बैठकर कुछ भी कह रहे हैं और कुछ भी सोशल मीडिया में डाल रहे हैं ।
उन्होंने आलोचकों को दो टूक अंदाज में जवाब दिया कि घाट में कांग्रेस को वर्ष 2012 में 2573, वर्ष 2017 में 3560 व वर्ष 2018 में 5209 वोट मिले। यह वोट तब बढ़े जब गुड्डू लाल, जिनको वर्ष 2017 में घाट से 6368 वोट मिले थे, भाजपा के साथ थे। और ये भी तथ्य है कि घाट ब्लॉक में इस बार कांग्रेस का वोट प्रतिशत अन्य ब्लॉकों की तुलना में अधिक बढ़ा है। फि र क्यों देहरादून में बैठे बैठे हतोत्साहित करने वाली बातें हो रही हैं।
पार्टी ने एकजुटता से लड़ा थराली चुनाव: आनंद
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आनंद रावत ने कांग्रेस ने थराली उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन किया और पूरी एकजुटता के साथ चुनाव लड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया और पानी की तरह पैसा बहाया।