दुर्घटना या इमरजेंसी के समय स्वास्थ्य, पुलिस और दमकल की सुविधा उपलब्ध कराने वाली 108 सेवा जंगली जानवरों से सुरक्षा की भी सुविधा देती है।
इसके लिए 108 के कंट्रोल रूम में वन विभाग के कर्मचारी की तैनाती की गई है। पिछले पांच वर्षों में साढ़े तीन हजार से ज्यादा लोग इसका लाभ ले चुके हैं। इसके अलावा अवैध खनन, वनाग्नि और पेड़ गिरने जैसी शिकायतें भी की जा सकती हैं।
घरों में सांप-बिच्छू घुसने से लेकर क्षेत्र में जंगली जानवरों के खेती व अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। ऐसे मामलों में आमतौर पर लोग वन विभाग के कर्मचारियों को मदद के लिए बुलाते हैं। ऐसी स्थिति में इमरजेंसी 108 पर कॉल कर मदद ली जा सकती है।
108 सेवा में वन और वन्य प्राणियों से जुड़ी शिकायतों के लिए अलग सेल बनाया गया है। वन विभाग का कर्मचारी ऐसे मामलों में जानकारी लेकर तत्काल संबंधित बीट और रेंज के अधिकारियों को सूचना देते हैं।
पांच वर्षों में कितनी शिकायतें
शिकायत ------- संख्या
पेड़ों से संबंधित - 375
वनाग्नि से संबंधित - 1136
वन्य जंतुओं से संबंधित - 1628
अवैध खनन से जुड़े मामले - 98
घर में जंगली जानवर घुसना - 83
अन्य - 435
23 जनवरी 2010 से 108 सेवा में यह सुविधा भी जोड़ी गई है। हालांकि लोगों को इस संबंध में कम जानकारी है। इसके लिए 108 में एक वन विभाग के कर्मचारी को तैनात किया गया है। यह कर्मचारी विभागीय अधिकारियों व सूचना देने वालों के बीच समन्वय स्थापित करता है।
- मनीष टिंकू, स्टेट हेड, 108 सेवा