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राजनीतिक दलों से लिया चंदा तो चुनाव से बाहर

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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अगर छात्रसंघ चुनाव में किसी भी पदाधिकारी ने किसी राजनीतिक दल से चंदा लिया तो उसे चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। यह सख्त सिफारिश लिंगदोह समिति की सिफारिशों में संशोधन के लिए गठित समिति ने की है।
समिति ने साफ किया है कि प्रत्याशी को केवल शत-प्रतिशत अपने खर्च से ही चुनाव लड़ना होगा। समिति ने सभी छात्रसंघों में उपसचिव के पद को छात्राओं के लिए आरक्षित कर दिया है। समिति की सिफारिश इसलिए भी अहम है, क्योंकि छात्रसंघ चुनावों में कई कॉलेजों में एबीवीपी और एनएसयूआई के प्रत्याशियों के साथ राजनीतिक हस्तक्षेप खूब देखने को मिलता है।
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समिति की सिफारिशें
-विश्वविद्यालय या महाविद्यालय की कार्यकारी परिषद या अन्य ऐसी ही समिति में अब छात्रसंघ के पदाधिकारियों को भी नामित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विश्वविद्यालय को अपनी नियमावली में संशोधन करना होगा।
-चुनाव में होने वाले खर्च की निगरानी अब जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक करेंगे। नियमों का उल्लंघन होने पर चुनाव निरस्त किए जा सकते हैं।
-किसी भी राजनीतिक पार्टी से चंदा लेने वाले प्रत्याशी को चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा।
-प्रत्याशी की कक्षाओं में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थित होनी चाहिए।
-गढ़वाल और कुमाऊं विश्वविद्यालय के छात्र महासंघ चुनावों में पदों की श्रेणी और चुनाव प्रक्रिया एक समान होगी।
-किसी भी प्रत्याशी को चुनाव प्रचार या प्रक्रिया के दौरान महाविद्यालय परिसर से बाहर जुलूस निकालने या जनसभा करने का अधिकार नहीं होगा।
-लाउडस्पीकर, वाहन और जानवरों पर प्रत्याशी के चुनाव के दौरान प्रतिबंध रहेगा।
-महाविद्यालय या विवि की संपत्ति पर पोस्टरबाजी करने पर प्रत्याशी ही जिम्मेदार माने जाएंगे।
-कुमाऊं क्षेत्र के सभी कॉलेजों व विवि में एक दिन और गढ़वाल क्षेत्र के सभी कॉलेज व विवि में एक ही दिन छात्रसंघ चुनाव होंगे।
-चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के गत वर्ष की परीक्षा में पूरे क्रेडिट होने चाहिए। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को चुनाव से कम से कम 15 दिन पहले जानकारी देनी होगी, ताकि उसका परिणाम घोषित कराया जा सके।
-महासंघ कोष के लिए प्रत्येक कॉलेज या परिसर से पांच रुपये प्रति छात्र महासंघ शुल्क लिया जाएगा।
टॉपर्स-छात्राओं के लिए आरक्षण
छात्रसंघ चुनावों में टॉपर्स और छात्राओं के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था की गई है। किसी कॉलेज में कॉलेज के दो टॉपर्स के लिए दो पद आरक्षित होंगे जबकि विवि में भी दो पद यूनिवर्सिटी टॉपर्स के लिए आरक्षित होंगे। दो पद खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों के लिए जबकि दो पद सांस्कृतिक क्रियाकलापों में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए आरक्षित होंगे। खास बात यह है कि हर महाविद्यालय या कॉलेज में उपसचिव का एक-एक पद छात्राओं के लिए आरक्षित होगा। अभी तक प्रदेश में यह व्यवस्था नहीं थी।
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श्रीदेव सुमन विवि के छात्र अभी गढ़वाल विवि में देंगे वोट
इस साल से गढ़वाल विवि से असंबद्ध होकर श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध होने वाले कॉलेजों के प्रथम सेमेस्टर के छात्र फिलहाल गढ़वाल विवि छात्र महासंघ में ही मतदान कर सकेंगे। चूंकि अभी तीन वर्षों तक श्रीदेव सुमन विवि में छात्र महासंघ गठित नहीं होगा, इसलिए तब तक यह व्यवस्था रहेगी।
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