फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सातवें दिन 145 अतिक्रमण ध्वस्त, तीन प्रतिष्ठान सील

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन

हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण के खिलाफ सातवें दिन भी टास्क फोर्स का अभियान जारी रहा। बुधवार को चकराता रोड, रायपुर रोड और करनपुर रोड पर 145 अतिक्रमण ध्वस्त किए गए। अभियान के दौरान तीन प्रतिष्ठानों को सील भी किया गया। इसके अलावा 243 नए अतिक्रमण भी चिह्ति किए गए। इस दौरान प्रशासन, नगर निगम और एमडीडीए आदि विभागों की टीम के साथ ही पुलिस बल भी तैनात रहा।
कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई जगहों पर टीम के साथ अतिक्रमणकारियों की बहस भी हुई। उन्होंने अधिकारियों से खुद ही अतिक्रमण गिराने की अनुमति मांगी। जो अतिक्रमणकारी नहीं माने, उनका अतिक्रमण टीम ने ध्वस्त कर दिया। सुबह सिटी मजिस्ट्रेट मनुज गोयल के नेतृत्व में टीम ने चकराता रोड पर अभियान शुरू किया। पुलिस बल के साथ सड़क के दोनों ओर किशननगर चौक से घंटाघर तक अतिक्रमण ढहाए गए। कुछ स्थानों पर अतिक्रमणकारियों और टीम के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन

लेकिन, पुलिस बल ने सख्ती दिखाते हुए अतिक्रमण ध्वस्त करा दिया। उधर, रायपुर में एसडीएम सदर प्रत्यूष सिंह के नेतृत्व में टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान शिवालिक कांप्लेक्स को सील किया गया। वहीं, अन्य अतिक्रमण को जेसीबी के जरिये तोड़ा गया। धर्मपुर में मसूरी एसडीएम मीनाक्षी पटवाल के नेतृत्व में टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की।
--
जाम से जूझे लोग, तीन एंबुलेंस भी फंसीं
देहरादून। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान लोग जाम से परेशान रहे। अतिक्रमण हटाने के लिए चकराता रोड, रायपुर रोड आदि का रूट कुछ समय के लिए डायवर्ट किया गया था। इस वजह से सड़कों के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। पुलिस को जाम खोलने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, चकराता रोड पर तीन एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहीं।
चकराता रोड पर किशननगर चौक से घंटाघर तक चले अभियान के चलते सड़क पर जाम लग गया। दोपहर के वक्त स्कूलों की छुट्टी के चलते घंटों जाम की स्थिति बनी रही। वाहन रेंगते नजर आए। इससे वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी परेशानी हुई। इतना ही नहीं तीन एंबुलेंस भी करीब आधे घंटे तक जाम में फंसी रहीं। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद एंबुलेंस को निकाला।
--

दुकान सील करने पर भड़के व्यापारी, प्रदर्शन

दुकानें बंद कर एमडीडीए के खिलाफ जताई नाराजगी
बोले, बगैर किसी नोटिस के दुकानें सील करना गलत

अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। चकराता रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान किशन नगर चौक पर करीब 12 दुकानें सील करने पर व्यापारी भड़क गए। उन्होंने दुकानें बंद कर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम ने बगैर किसी नोटिस के दुकानें सील की हैं, जो गलत है।
बुधवार को चकराता रोड पर अभियान के तहत टीम किशननगर चौक के पास पहुंची और यहां एक दर्जन दुकानों को नक्शा नहीं होने की बात कहकर सील कर दिया गया। इस पर दुकानदार भड़क गए। उन्होंने एमडीडीए के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि उनकी दुकानें करीब 40-50 साल पुरानी हैं। इसके बाद अन्य दुकानदारों ने टास्क फोर्स को नक्शा दिखाया। इस वजह से उनकी दुकानों पर कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, किशननगर की निवर्तमान पार्षद नंदिनी शर्मा ने कहा कि अगर दुकानें गलत हैं तो एमडीडीए ने नक्शा क्यों पास किया। दुकानें सील होने से व्यापारियों को नुकसान होगा। निगम को पहले नोटिस देना चाहिए ताकि दुकानदार अपना सामान हटा सकें। प्रदर्शन करने वालों में हरभजन सिंह, हरेंद्र सिंह, रईस आदि दुकानदार शामिल थे।
--
अतिक्रमण हटने से चौड़ी हुई सड़क
चकराता रोड, रायपुर रोड और करनपुर रोड से अतिक्रमण हटने के बाद सड़कें चौड़ी नजर आने लगीं। आमतौर पर अतिक्रमण के चलते इन सड़कों पर रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण तोड़ने के बाद मलबे को ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपरों से उठवाया। इसके अलावा कई दुकानदारों ने खुद भी मलबा उठवाया।
--
अधिकारियों से मांगी मोहलत
धर्मपुर में दुकानदारों ने अपने अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से दो दिन का समय मांगा, जिस पर अधिकारियों ने उन्हें जल्द अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
--
करनपुर में लोगों ने खुद हटाया अतिक्रमण
करनपुर रोड पर दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने टीम के पहुंचते ही खुद ही अतिक्रमण ध्वस्त करना शुरू कर दिया। उन्होंने कच्चे अतिक्रमण को तत्काल तोड़ दिया। वहीं, कई दुकानदार अपनी दुकानों के शटर तोड़ते दिखाई दिए। कई लोगों ने एसडीएम सदर प्रत्यूष सिंह से अतिक्रमण हटाने के लिए दो दिन की मोहलत मांगी। इस पर एसडीएम ने दो दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दो दिनों में अतिक्रमण नहीं हटने पर उसे गिराया जाएगा।
--
सहस्त्रधारा चौक से सर्वे चौक तक रहा जीरो जोन
अभियान के दौरान किसी तरह की अनहोनी न हो, इसके लिए सहस्त्रधारा चौक से सर्वे चौक तक जीरो जोन कर दिया गया। इस दौरान वाहनों की आवाजाही ठप रही। कार्रवाई के दौरान स्थिति सामान्य होने पर पहले दो पहिया वाहनों के लिए रास्ता खोला गया। बाद में मार्ग को सभी वाहनों के लिए खोल दिया गया। उधर, रायपुर से घंटाघर और प्रेमनगर जाने वाली सिटी बसों को आईआरडी से रिंग रोड, छह नंबर पुलिया, फव्वारा चौक होते हुए घंटाघर से निकाला गया। इसके चलते तपोवन, काली मंदिर, चुना भट्टा, सर्वे चौक जाने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
--
नहीं मिला सामान उठाने का मौका
रायपुर और करनपुर में टीम ने जेसीबी के जरिये अतिक्रमण ध्वस्त करना शुरू कर दिया। इसके चलते दुकानदारों को अपना सामान हटाने तक का मौका नहीं मिल पाया। दुकानदार दीपक कुमार ने कहा कि अगर समय मिल जाता तो वह अपना सामान हटा सकते थे और उन्हें नुकसान भी नहीं होता।
विज्ञापन

--
सात दिन में ध्वस्त हुए 649 अतिक्रमण
देहरादून। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शहर में 28 जून से शुरू किए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत कुल 649 अतिक्रमण ध्वस्त किए गए। जबकि 1539 अतिक्रमण को टीम ने चिह्नित किया। इस दौरान 84 प्रतिष्ठान और भवन अवैध पाए जाने पर उन्हें सील कर दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश के शहर को चार जोन में बांटकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। अलग-अलग टीमों ने चकराता रोड, हरिद्वार रोड, सहारनपुर रोड और राजपुर रोड पर अभियान शुरू किया। टीम ने 27 जून को शहर में 126 अतिक्रमण चिह्नित किए थे। पिछले सात दिनों में अतिक्रमण पर कार्रवाई के बाद संकरी दिखने वाली सड़कें चौड़ी दिखने लगी हैं। अभियान में प्रशासनिक टीम को दुकानदारों का पूरा सहयोग मिला। कई जगह उन्होंने खुद ही अतिक्रमण ध्वस्त कर लिया।
--
सात दिन चले अभियान का रिपोर्ट कार्ड
दिनांक चिह्नित अतिक्रमण ध्वस्त सील
28 जून 200 71 3
29 जून 199 88 6
30 जून 142 94 65
1 जुलाई 133 67 2
2 जुलाई 305 44 1
3 जुलाई 317 140 4
4 जुलाई 243 145 3
--
फोटो
क्या कहते हैं लोग
अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलते रहना चाहिए, नहीं तो अभियान खत्म होते ही फिर से अतिक्रमण हो जाएगा। -गौरव सिंह, करनपुर

अतिक्रमण ने शहर की खूबसूरती बिगाड़ दी। सड़क पर चलना दूभर हो गया था। प्रशासन के अभियान के बाद सड़कों की सूरत बदल गई। -निहारिका बिजल्वाण, धर्मपुर

अतिक्रमण काफी विकराल समस्या बनती जा रही है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही सही प्रशासन नींद से तो
जागा। - मनीषा नेगी, कारगी

अतिक्रमण हटाने के बाद यह भी तय करना होगा कि दोबारा अतिक्रमण न हो सके, तभी अभियान सफल होगा।
- विनोद, कांवली रोड

हाईकोर्ट का फैसला सराहनीय है। अगर पहले से ही अतिक्रमण नहीं होने दिया जाता तो इस दिन की नौबत ही न आती। -कमला देवी, रायपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें