चुनाव आयोग ने प्रदेश में 15 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 100 कंपनियों को हरी झंडी दे दी है। सूत्रों का दावा है कि 70 कंपनियां 30 जनवरी तक अपनी आमद करा लेंगी, जबकि 30 कंपनी पंजाब चुनाव के बाद उपलब्ध हो जाएंगी।
पुलिस अफसरों ने चुनाव से पहले संवेदनशील इलाकों में अर्द्धसैनिक बलों के फ्लैग मार्च का कार्यक्रम तय कर लिया। उधर, पुलिस मुख्यालय ने चुनाव ड्यूटी में लगने वाले बल का पूरा खाका भी तैयार कर लिया है।
उत्तराखंड की 70 विधानसभाओं की 43 सीटों को इस साल संवेदनशील सूची में शामिल किया गया है। पुलिस अफसरों ने उसी परिपेक्ष्य में चुनाव आयोग से अर्द्धसैनिक बलों की 100 से अधिक कंपनी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। 2012 में आयोग ने 70 कंपनियां उपलब्ध कराई थीं।
चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि 100 कंपनियों के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी गई है। 70 कंपनियां 30 जनवरी तक उत्तराखंड में आमद करा लेगी, जबकि तीस कंपनियां पंजाब में पहले चरण के मतदान के बाद उत्तराखंड पहुंचेगी।
पुलिस ने तैयार किया खाका
उधर चुनाव में पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा का पूरा खाका तैयार कर लिया है। अपर पुलिस महानिदेशक राम सिंह मीणा ने बताया कि पीएसी की 30 कंपनी, 15 हजार होमगार्ड, 90 राजपत्रित अधिकारी, 100 इंस्पेक्टर, एक हजार दारोगा और 10 हजार के करीब कांस्टेबल चुनाव में ड्यूटी करेंगे।
अर्द्धसैनिक बलों की व्यवस्थाओं पर मंथन
पुलिस महानिरीक्षक और निर्वाचन में राज्य पुलिस के नोडल अधिकारी दीपम सेठ ने शुक्रवार को आईटीबीपी, अभिसूचना अफसरों के साथ केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के आवास और परिवहन व्यवस्था को लेकर मंथन किया। चुनाव प्रचार के दौरान वीवीआईपी और वीआईपी की सुरक्षा संबंधाें पर बात हुई। आईजी अभिसूचना एपी अंशुमन, आईटीबीपी के डीआईजी राजीव गुप्ता, कमांडेंट प्रेमलाल और अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय बैठक में मौजूद रहे।