डेंगू का मच्छर सरकार के लिए चुनौती बन गया है। भले ही स्वास्थ्य मंत्री कह रहे हैं कि डेंगू को बिना वजह का हौव्वा बनाया जा रहा है। लेकिन मंगलवार को दून में 10 नए मरीज सामने आने के बाद प्रदेश में अब तक 200 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। अकेले राजधानी में ही 188 लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है।
तेजी से बढ़ रही संख्या
राजधानी दून में डेंगू पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मंगलवार को दस और लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई। इनमें पथरीबाग के छह,लक्खीबाग के दो और देहराखास व सहस्त्रधारा रोड के एक-एक मरीज शामिल है।
डेंगू का सबसे ज्यादा प्रकोप पथरीबाग में है। पथरीबाग में बीती 15 जुलाई से दो अगस्त तक जिन 961 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए थे,उनमें कुल 135 मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले हैं।
2303 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. कुसुम नरियाल के अनुसार डेंगू से निपटने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। डेंगू के मद्देनजर राज्य में अब तक 2303 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए हैं।
इनमें जनपद देहरादून में लिए गए 2157 ब्लड सैंपल और नैनीताल जनपद में लिए गए 144 ब्लड सैंपल शामिल हैं। इन सैंपल में 200 की एलाइजा रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से फॉगिंग और जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। शिविर लगाकर संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं।