घरों को बर्बाद करने वाली शराब के खिलाफ महिलाओं की जंग अब रंग लाने लगी है। उत्तराखंड में महिलाओं की ताकत के आगे घुटने टेकते हुए रुड़की तहसील के भंगेड़ी गांव और लक्सर तहसील के खानपुर गांव के देसी शराब के ठेके निरस्त कर दिए। इस जीत पर खुशी जताते हुए महिलाओं ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
पौड़ी में पाबौ बाजार से शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर महिला संगठनों ने बुआखाल-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन घंटे तक जाम लगाया।
महिलाओं ने कहा कि शराब की दुकान को बाजार से नहीं हटाया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कोटद्वार में जशोधरपुर क्षेत्र में शराब की दुकान हटाने के लिए लोगों ने दुकान के सामने धरना दिया। घनसाली बाजार से शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला।
उधर कुमाऊं में रामनगर के चिल्किया गांव में महिलाओं ने अवैध शराब के धंधे में लिप्त लोगों के घर जाकर उनकी पिटाई लगाई और एक महिला तस्कर को कच्ची शराब से नहला दिया।
बेचने वालों पर ही नहीं बल्कि पीने वालों पर भी गुस्सा फूटा। वहीं, चोरगलिया में महिलाओं ने 117 पाउच कच्ची शराब के साथ एक तस्कर को पकड़ पुलिस के हवाले कर दिया। भीमताल में जोरदार गर्जना के साथ शराब विरोधी जुलूस निकाला गया।
देहरादून में आराघर स्थित शराब ठेके को हटवाने के लिए स्थानीय लोगों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार को ठेकेदार के लोग ठेका खोलने पहुंचे। धरने पर बैठे लोग और ठेकेदार समर्थक भिड़ गए। हंगामे की सूचना पर एडीएम प्रशासन हरक सिंह रावत मौके पर पहुंचे तो पता चला कि ठेकेदार को अब तक लाइसेंस ही नहीं मिला है।
एडीएम ने ठेके पर ताला लगवाकर चाबी पुलिस को सौंप दी। साथ ही वहां के लिए आई शराब भी जब्त करवा दी। उन्होंने ठेका शिफ्ट करने का भरोसा भी दिलाया।