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दून में कामयाब नहीं हो सका महिला बैंक

Fri, 01 Mar 2013 01:45 PM IST
देहरादून/इंटरनेट डेस्क
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बजट में महिलाओं के लिए अपनी तरह के पहले सरकारी बैंक की घोषणा कर सरकार की मंशा बेशक महिलाओं को लुभाने की हो, लेकिन इसका कोई बड़ा फायदा नहीं दिखता। दून की बात करें तो यहां महिला बैंक का प्रयोग कामयाब नहीं हो सका।
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तकरीबन पांच साल पहले पंजाब एंड सिंध बैंक की ओर से डालनवाला में महिला बैंक खोलकर उनकी दिक्कतों को दूर करने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह व्यवहारिक साबित नहीं हो सका।

उस बैंक में काम करने वाली महिला अधिकारियों, कर्मियों के साथ ही उनके लिए ही खाते खोलने की सुविधा प्रदान की गई थी। लेकिन वह घाटे का सौदा बनी, लिहाजा उसे बंद करना उचित समझा गया।
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कुछ ऐसा ही प्रयोग उत्तरांचल ग्रामीण बैंक की ओर से हुआ था इंदिरानगर शाखा को महिला शाखा के रूप में खोलकर। लेकिन इसमें भी बाद में पुरुष स्टाफ एडजस्ट करना पड़ा।
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यह हुई थीं परेशानियां
- महिलाओं को फील्ड वर्क करने में दिक्कत
- लोन एडवांसेज का फॉलोअप न हो पाना
- सिक्योरिटी को लेकर पैदा हुई थीं समस्याएं

आज भी झेल रहीं महिलाएं
- बैंकिंग में दिक्कत क्योंकि अलग से लाइन नहीं
- उनके लिए अलग से काउंटर न होना
- सिंगल विंडो होने की वजह से काम में परेशानी

केवल महिला बैंक का कांसेप्ट सफल नहीं हो सका, क्योंकि इसके साथ कई तरह की दिक्कतें थीं। पुरुष कर्मियों को एडजस्ट किया गया है।
- प्रवीण, ब्रांच मैनेजर, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक (जीएमस रोड)

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