पत्नी की आशिकी सलीम की जिंदगी ही लील देगी, शायद ही ये किसी ने सोचा हो। साइकिल मिस्त्री सलीम अंसारी की हत्या उसकी पत्नी के प्रेमी ने की थी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी को आईएसबीटी के समीप से गिरफ्तार कर लिया।
वारदात में शामिल आरोपी का एक अन्य भाई फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार सलीम अंसारी का घर गांधी ग्राम में है। उसके घर के निचले तल में आसिफ और उसका भाई एहसान रहते थे, जो मूलरूप से बसी चुंधियारी थाना ऊन जिला मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे। सलीम के तीन बच्चे हैं।
पत्नी से थे हत्यारे के अवैध संबध
सलीम दिन में दुकान चला जाता जबकि उसके बच्चे स्कूल। इस बीच सलीम की पत्नी और आसिफ में अवैध संबंध हो गए। आसिफ ने सलीम की पत्नी को शादी का प्रस्ताव भी दिया, लेकिन उसने इंकार कर दिया। इसके बाद आसिफ ने सलीम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। वह सलीम के मकान पर भी कब्जा करना चाहता था।
मई माह के मध्य में वह गंगोह निवासी अपने परिचित शाहरुख से छह हजार रुपये में एक तमंचा और दो कारतूस खरीद लाया। योजना के अनुसार बुधवार को आसिफ और उसका भाई एहसान दोनों ही सलीम की दुकान पर गए।
साथ ही बाइक खरीदने की बात कहकर उसे भी अपने साथ ले गए और चंद्रबनी के जंगलों में ले जाकर सलीम को गोली मार दी। दोनों आरोपी शव को छुपाने की कोशिश कर रहे थे। तभी कुछ ग्रामीण महिलाएं वहां पहुंच गई और वे शव को छोड़कर फरार हो गए।
सीसी टीवी से खुली गुत्थी
हत्यारों के गिरेबान तक पहुंचने में पुलिस के लिए सीसीटीवी कैमरे वरदान साबित हुए। हत्या के बाद पुलिस ने सलीम के घर से दिल्ली रोड और वहां से चंद्रबनी के जंगलों तक जितने भी सीसी टीवी कैमरे लगे थे। सबको खंगाल डाला। आठ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस को वारदात में अहम सुराग मिले। वहीं पुलिस की एक दूसरी टीम ‘सेल साइड डाटा’ चेक करती रही।
एसएसपी केवल खुराना के आदेश के बाद सीओ सदर स्वतंत्र कुमार के नेतृत्व में पटेलनगर थाना और एसओजी की पूरी टीम को इसमें झोंक दिया गया। रात भर डेढ़ सौ से ज्यादा सीसी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला गया। पुलिस को गांधी ग्राम में लगे एक सीसी कैमरे में तीनों बाइक पर जाते दिखे।
उसके आगे फिर पटेलनगर और फिर चंद्रबनी से पहले भी यह बाइक देखी गई। तीनों फुटेज की जांच की गई तो सलीम के साथ दोनों आरोपी देखे गए। सलीम के परिचितों को फुटेज दिखाई गई तो उन्होंने बताया कि बाइक चला रहा व्यक्ति आसिफ है जबकि पीछे बैठा उसका भाई एहसान। पुलिस ने यह फुटेज उसकी पत्नी को भी दिखाई तो उसके चहरे का रंग उड़ गया। वहीं एक टीम कॉल साइड डाटा खंगाल रही थी।
टीम को किया गया पुरस्कृत
कॉल साइड डाटा में पटेलनगर क्षेत्र के सभी मोबाइल टावरों का सर्वे किया गया, जिसमें निश्चित समय क्षेत्र में जितनी भी आने वाली और जाने वाली काल दर्ज हो जाती है। एसएसपी केवल खुराना ने बताया पूरी टीम को ढाई हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।
साथ ही उच्च अधिकारियों से भी आग्रह किया जाएगा कि टीम को पुरस्कृत करें। पुलिस टीम में इंस्पेक्टर पटेलनगर विपिन चंद्र पंत, एसएसआई विनोद सिंह गुसाईं, चौकी इंचार्ज आईएसबीटी कुलदीप पंत, एसआई अनिल चौहान हेड कांस्टेबल गजपाल, मनोज ममगाईं, कांस्टेबल अनूप, सत्येंद्र नेगी, गौरव चौधरी, मनोज कुमार और अरशद अली थे। जबकि एसओजी से प्रभारी रवि सैनी, एसआई संजीव थपलियाल, कांस्टेबल प्रमोद, सुनील, इसरार अली और विपिन रहे।
सीओ सदर स्वतंत्र कुमार ने बताया मामले में पत्नी की संलिप्ता सामने नहीं आई है, हालांकि उसके बयानों में विरोधाभास है। उन्होंने बताया कि फिलहाल आसिफ के भाई की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।