आपदा के दौर में जहां पहाड़ के लोग राशन की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं विद्युत व्यवस्था ठप होने से अंधेरा भी उनकी मुसीबत का सबब बन गया है।
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प्रशासन की ओर से राशन की कमी दूर करने के जरूर प्रयास हो रहे हैं, लेकिन गांवों को रोशन करने के मकसद से लाई गईं 170 सोलर लाइटें स्पोर्ट्स कालेज में धूल फांक रही हैं। आलम यह है कि इनमें से कई लाइटों के यहां पड़े रहने से क्षतिग्रस्त होने की भी बात सामने आ रही है। अब डीएम कह रहे हैं कि लाइटें जल्द प्रभावित गांवों में भेजेंगे।
लैंपों के सहारे कर रहे गुजारा
आपदा के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप है। लोग केरोसिन लैंपों के सहारे किसी तरह गुजारा कर रहे हैं, लेकिन केरोसिन भी खत्म होने के कगार पर है। ऐसे में सोलर लाइटें बड़ी राहत दे सकती थीं। लेकिन आपदाग्रस्त क्षेत्रों के लिए भेजी गई सोलर लाईटें स्पोर्ट्स कॉलेज स्थित आपदा राहत सामग्री वितरण और भंडारण केंद्र में पड़ी हुई हैं।
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सूत्रों के अनुसार शुरुआत में कुछ लाइटें भेजी गईं, लेकिन फिर राशन और पानी पहले भेजने के चक्कर में इन्हें छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि कई लाइटें बदइंतजामी से टूट भी गई हैं, लेकिन इस पर कोई बोलने को तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों को मालूम हुआ तो लाइटों को अलग कमरे में सुरक्षित रखवा दिया गया है।
इस बारे में जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि सोलर लाइटों की मांग आ रही है, इन्हें जल्द ही भेजा जाएगा।
1200 टैंटों की आई डिमांड
राज्य के आपदाग्रस्त पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और चमोली जिलों से आपदा प्रभावितों की मदद के लिए 1200 टैंटों की जरुरत बताई गई है। जानकारी के अनुसार राहत कार्य में लगी टीमों ने टैंट भेजने की गुजारिश की है। आपदा राहत केंद्र में अभी करीब 750 टैंट हैं, इन्हें भेजने के साथ ही नए टैंट भी मंगाए जा रहे हैं।