संक्रमित पानी की वजह से राजधानी में वायरल फीवर, पेटदर्द, टाइफाइड और पीलिया के मरीज बढ़ रहे हैं। दून अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार को तेज बुखार और पेट में असहनीय दर्द लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई।
एक रोगी तो दर्द से बेहोश जो गया। इसके अलावा कुछ मरीजों की पैथोलॉजी जांच में टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए और ई की पुष्टि हुई है।
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मुसलिम कालोनी के रहने वाले मुस्तकीम को शाम को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। दो दिन से उसे बुखार और पेटदर्द था। यही लक्षण लेकर दूसरे मरीज भी इमरजेंसी में आए। इमरजेंसी में इन्हें सबसे पहले दर्दनाशक दवा बोवरान का इंजेक्शन दिया गया। डाक्टरों का कहना है कि पानी संक्रमित है।
इससे मरीजों की आंतों और खाने की थैली में संक्र मण हो जा रहा है। आंतों में सूजन आ जाती है और रोगी को तेज दर्द उठता है। संक्रमित पानी के कारण राजधानी के एक दर्जन मोहल्लों में टाइफाइड और पीलिया के साथ डायरिया भी फैला हुआ है। डायरिया की गिरफ्त में सबसे अधिक बच्चे हैं।
बारिश में पानी के संक्रमण से दिक्कत बढ़ती हैं
इन क्षेत्रों के बच्चे दून अस्पताल के बालरोग वार्ड में भरती हैं। डाक्टरों ने बताया कि कुछ बच्चे ऐसे हैं जिनका डायरिया ठीक हुआ तो निमोनिया के लक्षण उभर आए। वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डा. डीपी जोशी का कहना है कि इस वक्त वायरल और बैक्टीरियल दोनों तरह के डायरिया हो रहे हैं। बारिश में पानी के संक्रमण से दिक्कत बढ़ जाती है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा आरपी भट्ट का कहना है कि पानी के संक्रमण से दिक्कत बढ़ जाती है। इस संबंध में जलसंस्थान से भी बात की गई है। स्वास्थ्य केंद्रों पर डायरिया की दवा पहुंचा दी गई है। स्टोर में भी दवाएं उपलब्ध हैं। दो लाख क्लोरीन की गोलियां बांटी जा चुकी हैं। पांच लाख क्लोरीन गोलियां और मांगी गई हैं।
रखें ख्याल
-पानी उबालें फिर छानकर पिएं
-बासी खाना न खाएं, ताजा हल्का खाना लें
-बच्चों को बोतल से दूध न पिलाएं, चम्मच से दें
-बोतल देनी जरूरी हो तो इसे 15 मिनट तक खौलते पानी में डालें
-घर के आसपास जलभराव हो तो मिट्टी का तेल डाल दें
-घर के अंदर और बाहर सफाई रखें