तीन दिन की भारी बारिश ने आमजन से लेकर चारधाम और हेमकुंड यात्रा पर आए हजारों यात्रियों को बेहाल कर दिया है। यात्री अब सकुशल घर लौटने की भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। सोमवार शाम राजमार्ग अवरुद्ध होने पर तहसील प्रशासन ने करीब चार हजार यात्रियों की जीआईसी, जीजीआईसी, ब्लाक सभागार, प्राथमिक स्कूल भवन, नगर पंचायत सभागार, ट्रामा सेंटर, बार संघ कार्यालय और आईटीआई में व्यवस्था की।
इन स्थानों पर पहुंचकर मंगलवार को ‘अमर उजाला’ टीम ने यात्रियों से उनकी जुबानी उनकी परेशानियों की व्यथा जानने का प्रयास किया।
यात्रियों की जुबानी
हेमकुंड साहिब के दर्शनों को आए थे, लेकिन बारिश होने पर प्रशासन ने आधे रास्ते से ही हमें लौटा दिया। जिन हालातों में दो दिन गुजरे हैं। उससे बेहतर सोमवार की रात रही है। प्रशासन की अच्छी व्यवस्था थी।
- लक्की शेरगिल निवासी लुधियाना पंजाब
बदरीनाथ जा रहे थे। मोक्ष धाम से 23 किमी पहले ही प्रशासन ने हमें लौटा दिया। एक रात पीपलकोटी में गुजारी है। जैसे-तैसे कर्णप्रयाग पहुंचे। घर से परिजनों के फोन आ रहे हैं। हमसे ज्यादा वे परेशान हैं।
- गिरीराज गुप्ता, निवासी मध्य प्रदेश
जो फिल्मों में देखा और किताबों में पढ़ा, उससे हकीकत में देख राेंगटे खड़े हो रहे हैं। हेमकुंड साहिब के दर्शन नहीं कर पाए, लेकिन अब घर जाने की जल्दी है।
-मनप्रीत सिंह, भटिंडा पंजाब
बदरीनाथ के दर्शन नहीं हो पाए, लेकिन जिन हालातों से सामना हुआ है, ऐसा पहले कभी देखा नहीं। बदरीनाथ से 20 किमी पहले ही हमें लौटने को कहा गया।
- मदन सिंह, नरुका जिला अलवर राजस्थान
इनकी भी सुनिए
बदरीनाथ धाम से बस चार किमी दूर रह गए थे, लेकिन लगातार बरसात और आपदा के कारण हमें लौटना पड़ा। मन में बदरी विशाल के दर्शन नहीं करने की टीस रह गई, लेकिन सकुशल लौटने से मन में शांति है।
- राम बाबू निवासी गोंडा यूपी
हम 23 लोग गौरीकुंड से बदरीनाथ के लिए चले थे, लेकिन मौसम खराब होने के कारण बदरीनाथ के दर्शन नहीं हो पाए।
- काले बाबू निवासी बरेली
मेरे परिवार के सात सदस्य अब भी जोशीमठ में रुके हैं। मैं यहां बमुश्किल पहुंच पाया हूं। उनसे मेरा संपर्क नहीं हो रहा है। राजमार्ग भी बंद है, कब खुलेगा काफी परेशान हूं।
- राजेंद्र कुमार, निवासी बिहार, हाल निवासी नोएडा