परिवहन निगम में डीलक्स बसों में सफर कराने के नाम पर यात्रियों से धोखा किया जा रहा है। साधारण बसों से दोगुना किराया वसूले जाने के बावजूद इन बसों में सुविधाओं आर्डिनरी बस जैसी भी नहीं हैं।
सड़क पर पूरे सफर में खड़-खड़ करती बसों में न तो टीवी चलते हैं, न ही यात्री अपने फोन, लैपटाप यहां चार्ज कर सकते हैं। इसे लेकर यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन परिवहन निगम का रवैया साफ करता है कि उसे मुसाफिरों की कोई चिंता नहीं।
एलसीडी टीवी लंबे समय से खराब
रोडवेज में सुविधा के हिसाब से वाल्वो को टाप माना जाता है। इस बस में दिल्ली तक का किराया प्रति यात्री 634 रुपये है। लेकिन, दून से चलने वाली सभी 16 बसों के एलसीडी टीवी लंबे समय से खराब हैं। चार्जिंग साकेटों का पता नहीं, एसी ब्लोअर भी ठीक से काम नहीं कर रहे।
उस पर कुछ समय पूर्व निगम प्रबंधन ने बसों में सुविधाएं घटाने का फैसला करते हुए शीशों से पर्दे हटा दिए। अब बिना एसी के यात्रियों को धूप की तेज रोशनी चुभती है तो रात को सड़क पर चलने वाले वाहनों की लाइट सीधे भीतर पड़ती है।
हाईटेक बसें भी पुरानी
दूसरी ओर, निगम की निजी एसी और हाईटेक बसों में भी ज्यादातर पुरानी हो चुकी हैं। चलने पर ये खड़खड़ाती हैं। इनके एसी और पंखे भी खराब हैं। ऐसे में यात्रियों को साधारण बस से काफी ज्यादा किराया चुकाने के बाद सकून नहीं मिलता है।
इसकी शिकायत कई यात्री कंडक्टर के साथ ही बस में लिखे अधिकारियों के नंबर पर भी करते हैं। लेकिन इसका स्थाई समाधान नहीं निकाला जा रहा है।
सफर में मिलने वाली सुविधाओं में खराबी के संबंध में कई बार यात्री नाराजगी जताते हैं। यूनियन ने कई बार इस मामले पर एआरएम डीलक्स पीके भारती से शिकायत की है, लेकिन समाधान नहीं किया जा रहा है।
-केपी सिंह, क्षेत्रीय मंत्री, रोडवेज कर्मचारी यूनियन
डीलक्स क्लास बसों में तय मानकों से सुविधा में कटौती हो रही है तो यह वाकई गंभीर समस्या है। मैं खुद अभियान चलाकर इसे दिखवाऊंगा।
- दीपक जैन, महाप्रबंधक (तकनीकी), रोडवेज