नियुक्ति न मिलने से नाराज प्रशिक्षु शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए प्रशिक्षु शिक्षकों ने जुलूस निकालकर शिक्षा निदेशालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद नियुक्ति का रास्ता साफ हो चुका है। साथ ही वे आठ महीने का प्रशिक्षण ले चुके हैं, इसके बावजूद सीधे नियुक्ति न देकर फिर से छह महीने का प्रशिक्षण सरासर अन्याय है।
नालापानी चौक में एकत्र हुए प्रशिक्षु शिक्षक मौलिक नियुक्ति की मांग को लेकर जुलूस के रूप में शिक्षा निदेशालय पहुंचे। यहां प्रशिक्षु शिक्षकों ने अपनी मौलिक नियुक्ति की एक सूत्रीय मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कोर्ट में मामला लटकने से प्रदेश के 2253 प्रशिक्षु शिक्षकों को अब तक मौलिक नियुक्ति नहीं मिल पाई।
अब जबकि कोर्ट से नियुक्ति पर रोक हट चुकी है, उन्हें नियुक्ति दिए जाने के बजाए फिर से छह महीने के प्रशिक्षण की बात की जा रही है। प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा निदेशक बेसिक अनिल नेगी से मिलकर उन्हें अपनी एक सूत्री मांग से अवगत कराया।
हल्की नोकझोंक भी
प्रशिक्षु शिक्षक संघ के संयोजक अनिल कोटनाला ने बताया कि शिक्षा निदेशक ने उनकी मांग पर शासन को मौलिक नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन मांग पर जब तक अमल नहीं होता सिटी बस स्टैंड पर प्रशिक्षुओं का धरना जारी रहेगा। इससे पूर्व प्रशिक्षु शिक्षकों की शिक्षा निदेशालय गेट पर पुलिस से हल्की नोकझोंक भी हई। प्रदर्शनकारियों में प्रदेश अध्यक्ष अनूप जेदली, महासचिव धर्मेंद्र रावत, परमानंद सती, सुशील जोशी, पूर्णिमा शर्मा, पूनम नेगी आदि शामिल थे।