चार दिनों के बाद बारिश फिलहाल थम गई है, लेकिन इस आपदा से पांडुकेश्वर, लामबगड़, पुलना और गोविंदघाट में हजारों ग्रामीण बेघर हो गए हैं। हेलंग में चट्टान खिसकने से मंदीप सिंह (18) पुत्र संतोष सिंह, ग्राम व जिला कुरुक्षेत्र की दबकर मौत हो गई है। इसी स्थान पर दो अन्य व्यक्तियों की मलबे में दबने से मौत हो गई हैं।
बचाव कार्य तेज
जबकि मनोज वर्मा जिला करनाल और विजेंद्र ग्राम कुरुक्षेत्र हरियाणा गंभीर रुप से घायल हैं। गोविंदघाट में अलकनंदा नदी के तेज बहाव में इरशाद (33), महिताब (22) और दिनशाद (18) ग्राम नारायणपुर, नजीबाबाद, जिला बिजनौर निवासी के अपने खच्चरों समेत बह गए। करीब 12 अन्य लोगों के भी अलकनंदा नदी में बहने की सूचना है। वहीं, जिला प्रशासन और सेना ने राहत, बचाव कार्य तेज कर दिया है।
जिला प्रशासन को राहत सामग्री वितरित करने के लिए एक हेलीकॉप्टर दिया गया है जो जोशीमठ और गोविंदघाट क्षेत्र में राहत बचाव कार्य में लग गया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बदरीनाथ हाईवे जोशीमठ से कर्णप्रयाग तक आवाजाही के लिए खोल दिया गया। मंगलवार को आईटीबीपी के जवानों द्वारा गोविंदघाट, पांडुकेश्वर और लामबगड़ से निकाले दो हजार से भी अधिक तीर्थयात्रियों को जोशीमठ लाया गया।
पाचं हजार सैनिक राहत, बचाव कार्य में जुटे
बीआरओ ने बुधवार दोपहर तक जोशीमठ से गोविंदघाट तक सड़क खोलने का दावा किया है। सेना द्वारा घांघरिया, पांडुकेश्वर और लामबगड़ में फंसे तीर्थयात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर से मेडिकल, खाना व कंबल बांटे जा रहे हैं। जोशीमठ में सेना के ब्रिगेडियर अक्षत अरोड़ा ने बताया कि सेना के पांच हजार सैनिक राहत, बचाव कार्य में लगे हुए हैं।