उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लोग इस समय भारी बारिश की वजह से घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैं। घरों में पानी घुस गया है, जिसे निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है। श्ाहर की सड़कें भी टूट गई हैं। इस बारिश्ा से कुमाल्डा में 50 मीटर पुस्ता और मोथरोवाला के 35 मकान रिस्पना में समा गए हैं, लेकिन लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है।
महिला की डेडबाडी मिली
चंद्रबनी में भी एक महिला की डेडबाडी मिली है। मौसम खराब होने की वजह से पूरे शहर में रिलायंस का नेटवर्क पूरी तरह से फेल हो गया है, जिससे लोग खासे परेशान हैं।
बिंदाल के पास एक लड़के की मौत की खबर है। हुआ यूं कि रविवार की रात बिंदाल के पास उक्त लड़का स्कूटी सहित पानी के गड्ढे में गिर गया, जहां से वह सीवर लाइन के मेनहोल में जा गिरा। उसकी डेडबाडी क्लेमनटाउन से बरामद की गई।
नौ मकान बहे
कई दिनों से लगातार हो रही बारिश का कहर सोमवार को भी जारी रहा। अमलावा नदी में नौ मकान बह गए। रेस्क्यू कर 36 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। भारी बारिश से साहिया में तीन दुकानें नदी में समा गई। कालसी के काछता गांव में पांच लोगों के मरने की खबर है, लेकिन अभी कारणों का पता नहीं लग पाया है। डाक पत्थर में एक बच्ची पानी से भरे गड्ढे में गिर गईद। मौके पर जेसीबी रवाना हो चुकी है। आईएसबीटी के सामने की कालोनी भी पानी में डूब गई है।
कोई व्यवस्था नहीं
दून मंडी में तीन हजार क्विंटल सब्जी नहीं पहुंची, मात्र 998 क्विंटल सब्जी ही पहुंची। राजधानी में बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग करके कालोनियां बसा दी गई हैं, जहां पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण देहरादून के तमाम क्षेत्रों में जल भराव की दिक्कतें सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नहरों के जाल को अंडर ग्राउंड करने से राजधानी में जल भराव हो रहा है।
परीक्षा में भी बारिश का असर
भारी बारिश के बीच दून में रिसर्च ऑफिसर्स इन डीएफओ की परीक्षा आयोजित हुई। 20 केंद्रों पर आयोजित हुई परीक्षा में बारिश के चलते छात्रों की संख्या करीब 35 प्रतिशत रही। एडीएम हरक सिंह रावत ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई लेकिन परीक्षार्थियों को बारिश के चलते कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बढ़ सकते हैं सब्जियों के दाम
मूसलाधार बारिश के चलते जगह-जगह मार्ग अवरुद्ध होने से दून मंडी में कुछ स्थानों से रविवार सब्जियों के ट्रक नहीं पहुंच पाए। जबकि बारिश से सब्जियों के खराब होने का अंदेशा बना है। इससे आने वाले दिनों में सब्जियों के दामों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। मंडी निरीक्षक अजय डबराल ने बताया कि रविवार छुटमलपुर, बिजनौर, उत्तरकाशी से टमाटर आदि के ट्रक नहीं पहुंच पाए। अवाक कम होने से निश्चित रूप से सब्जियों के दामों पर असर पड़ सकता है।
सड़कों का हुआ बुरा हाल
झमाझम बारिश से सड़कों का बुरा हाल हो गया है। नई सड़कें भी उखड़नी शुरू हो गई हैं। पुरानी सड़कों की स्थिति और खराब हो गई है। सड़कों पर मलबा आने से वाहनों के चलने में भी दिक्कत हो रही है। सड़कों पर एक फिट से अधिक पानी का बहाव होने से गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पा रहा है। इससे रविवार को विभिन्न क्षेत्रों में दोपहिया वाहन चालक गिरते रहे।
लटक सकती है नई सड़कें
राजधानी की जिन सड़कों का कार्य 30 जून तक पूरा होना था, उनका कार्य लटक गया है। अब ये सड़कें सितंबर के बाद ही बन पाएंगी। ऐसे में इन क्षेत्रों के लोगों को अगले साढ़े तीन माह तक हिचकोले खाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अधीक्षण अभियंता बीसी बिनवाल का कहना है कि मौसम खुलने के बाद बची सड़कों का कार्य पूरा करने की कोशिश की जाएगी। ध्यान रहे कि ऐसी 12 से अधिक सड़कें अधूरी पड़ी हैं।
अब एक जुलाई को खुलेंगे स्कूल
जिले में मूसलाधार बारिश के चलते स्कूलों में चार दिन की छुट्टी घोषित की गई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी खाली ने बताया कि चकराता, कालसी, मसूरी और रायपुर क्षेत्र के स्कूल खुले थे। जिलाधिकारी के आदेश पर इन स्कूलों में चार दिन की छुट्टी घोषित की गई है। 20 जून तक स्कूल बंद रहेंगे। जबकि इसके बाद स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां हैं। ऐसे में अब स्कूल एक जुलाई को खुलेंगे।