साधारण बीए और बीएससी करने के लिए तो दून में काफी विकल्प हैं, लेकिन बीए या बीएससी में स्पेशल कोर्स ऑनर्स के लिए एक भी नहीं। शहर के चारों मुख्य कॉलेजों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। एडऑन कोर्स के मामले में भी दून के कॉलेज काफी पिछड़े हुए हैं।
ऑनर्स का सपना दून में पूरा नहीं हो सकता
हिंदी, अंग्रेजी, इकोनोमिक्स, हिस्ट्री जैसे किसी भी विषय में यदि बीए ऑनर्स या फिर फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, स्टेटिस्टिक्स आदि में बीएससी ऑनर्स का सपना दून में पूरा नहीं हो सकता। लंबा अर्सा बीत जाने के बावजूद पीजी कॉलेज ऑनर्स कोर्स से महरूम हैं। एडऑन कोर्स के मामले में भी एसजीआरआर पीजी कॉलेज के दो कोर्स को छोड़कर बाकी कॉलेजों में कोई विकल्प नहीं है।
नतीजतन छात्रों को दिल्ली यूनिवर्सिटी या चंडीगढ़ के कॉलेजों की तरफ कदम बढ़ाने पड़ते हैं। अनुमान के मुताबिक हर साल दून और आसपास के क्षेत्रों से 500 से ज्यादा युवा दिल्ली और चंडीगढ़ में ऑनर्स कोर्स करने के लिए जाते हैं। एसजीआरआर पीजी कॉलेज में बायोटेक्नोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी कोर्स एडऑन के तौर पर चलाए जा रहे हैं।
इसलिए है ऑनर्स कोर्स की डिमांड
विशेषज्ञों के मुताबिक ऑनर्स कोर्स पीजी और सिविल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिहाज से काफी अहम हैं। साधारण बीए या बीएससी करने के लिए छात्र को विभिन्न विषय पढ़ने पड़ते हैं, लेकिन ऑनर्स में एक ही विषय पर फोकस होने के बाद पीजी और सिविल सर्विसेज में विषय चयन कर तैयारी करने में आसानी हो जाती है। कारपोरेट जगत में भी ऑनर्स कोर्स की खासी डिमांड मानी जाती है।
ऑनर्स और एड ऑन पाठ्यक्रमों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। हम लगातार ऑनर्स लाने का प्रयास कर रहे हैं। उम्मीद है जल्द ही कोई हल निकल जाएगा।
- प्रो. वीए बौड़ाई, प्राचार्य, एसजीआरआर पीजी कॉलेज
ऑनर्स की डिमांड और दिल्ली विवि में एडमिशन के लिए प्रतियोगिता भी यहां के युवाओं के लिए मुश्किलें पैदा करती है। दून के कॉलेजों में ऑनर्स कोर्स होने चाहिए।
- अमित मित्तल, शिक्षा विशेषज्ञ
ग्राफिक एरा में बढ़ सकती हैं सीटें
ग्राफिक एरा हिल विवि में गत वर्ष बीकॉम ऑनर्स 60 सीटों के साथ शुरू किया गया था। गत वर्ष सभी सीटें फुल होने के बाद इस वर्ष पहले से ही जबर्दस्त भीड़ देखने को मिल रही है। विवि के कुलपति डा. संजय जसोला ने बताया कि भारी मांग के चलते इस वर्ष विवि बीकॉम ऑनर्स की सीटों में कुछ बढ़ोत्तरी करने की योजना है।