हाईकोर्ट के आदेश के बाद डोईवाला रूट की 24 सिटी बसों के पहिये परिवहन विभाग ने जाम कर दिए हैं। अब तीस किमी लंबे रूट पर केवल 22 बसें रह गई हैं। बसों की संख्या आधी रह जाने से इस रूट पर हर रोज सफर करने वाले सैकड़ों मुसाफिरों को खासी परेशानियों का सामना करना होगा।
परेड ग्राउंड से डोईवाला, जौलीग्रांट तक वर्ष 2009 से पहले 26 सिटी बसें चल रही थीं। वर्ष 2009 में परिवहन विभाग ने 24 नई बसों को परमिट जारी किया। पहले से चल रही बसों के मालिकों ने विरोध जताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले में अंतिम निर्णय अभी बाकी है, लेकिन हाईकोर्ट ने संबंधित 24 बसों का संचालन रोकने का आदेश दिया है।
दोबारा स्टे के लिए प्रयास होगा
इससे पहले भी हाईकोर्ट ने नवंबर 2012 में बसें नहीं चलाने को कहा था। इसके बाद 19 नवंबर से एक जनवरी तक रूट पर 24 सिटी बसें नहीं चली थीं। प्रतिबंधित बस यूनियन के प्रधान रघुवीर सिंह ने बताया कि बार-बार बसों का संचालन रोकने से दिक्कतें हो रही हैं। बस मालिकों को किस्त भरने में परेशानी है, जबकि मुकदमा लड़ने पर भी खर्च हो रहा है। बताया कि हाईकोर्ट में दोबारा स्टे के लिए प्रयास किया जाएगा।
उधर, एआरटीओ प्रवर्तन अरविंद पांडे का कहना है कि सभी 24 बसों का परमिट परिवहन कार्यालय में जमा करने का आदेश पहले जारी कर दिया गया था। मंगलवार को संबंधित बस चली तो उसे सीज कर दिया जाएगा।
बसों की चेकिंग करेगी होगी
डग्गामारी के खिलाफ अभियान शुरू देहरादून। राष्ट्रीयकृत मार्गों पर डग्गामार वाहनों के खिलाफ सोमवार रात से परिवहन विभाग ने अभियान छेड़ दिया है। 15 जून तक चलने वाले अभियान में परिवहन विभाग की टीम देर रात और सुबह दून से दिल्ली और अन्य मार्गों पर चलने वाली बसों की चेकिंग करेगी।