गंगा नदी धीरे-धीरे खतरे के निशान से नीचे आ गई है। गंगा नदी का उफान थमने से बाढ़ खतरा टल गया है। प्रशासन ने राहत की सांस ली है। सोमवार की सायं से मंगलवार की सायं तक गंगा नदी के जलस्तर में लगभग ढाई लाख क्यूसेक की कमी दर्ज की गई है।
गंगा कैनाल हैडवर्क्स के एसडीओ वीवीएस यादव ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग एक मीटर नीचे आ गया है।
जलस्तर में लगातार आ रही कमी
सायं 5 बजे जलस्तर 293.7 मीटर तथा डिस्चार्ज 2 लाख 90 हजार क्यूसेक रिकार्ड किया गया है। जलस्तर में लगातार कमी रिकार्ड की जा रही है, जो सभी के लिए राहत की बात है। लेकिन गंगा नदी में अभी मलबा बहुत आ रहा है इसलिए अगले दो दिन तक गंगा कैनाल को चालू किए जाने की संभावना नहीं है। गंगा संचालन मंडल मेरठ के वरिष्ठ अधिकारी बैराज पर डटे हैं।
वीआईपी घाट तक पेड़ तथा सिल्ट जमा
गंगा कैनाल की हरकी पैड़ी की ओर दोनों आपूर्ति धाराओं में बैराज के गेट तक सिल्ट अट गई है तथा बड़े-बड़े पेड़ पड़े हैं। वीआईपी घाट तक पेड़ तथा सिल्ट भर गई हैं। एसडीओ कैनाल ने बताया कि अभी जो सिल्ट जमा है वह पानी छोड़ने पर बह जाएगी। लेकिन नहर में अन्य जो नुकसान हुआ होगा उसको वार्षिक अनुरक्षण के समय किया जाएगा।