लमगौडी, रुद्रप्रयाग निवासी कपूर पोस्ती के चाचा राकेश पोस्ती केदारघाटी में मचे कोहराम में मारे गए। कपूर अब अपने दो भाइयों, रिश्तेदारों की जान को लेकर फिक्रमंद है। गुप्तकाशी निवासी नीरज कपरवान के पिता शंकर प्रसाद कपरवान और भाई सलिल केदारनाथ में पंडिताई करते हैं। रविवार से दोनों से नीरज का संपर्क नहीं हो पाया। नीरज साथियों के साथ शासन के चक्कर लगा रहा है।
इधर-उधर दौड़ रहे
यह महज दो केस हैं, लेकिन करियर और शिक्षा के लिए घरों से सैकड़ों मील दूर राजधानी में रह रहे युवा सूबे में आई आपदा के बाद बदहवास इधर-उधर दौड़ रहे हैं। परिजनों की कुशलक्षेम जानने के लिए युवा मंत्रियों से लेकर अफसरों तक के दर दस्तक दे चुके हैं लेकिन सब जगह से निराशा हाथ लगी। केदारघाटी समेत रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली में आपदा से मचे कोहराम में हताहतों और प्रशासन की नाफरमानी से इनको तोड़कर रख दिया है।
कुदरत के कहर में किसी के सिर से बाप का साया उठ गया तो कोई पिछले तीन दिनों से लापता परिजनों को ढूंढने के लिए उफनते नालों को देखे बगैर ही देहरादून से केदारघाटी के लिए कूच कर गया है। केदारघाटी निवासी छात्र आशीष सेमवाल ने बताया कि प्रशासन से जो सूचनाएं पहुंच रही हैं, वह आधी अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि छुट्टियां होने से क्षेत्र के सैकड़ों छोटे बच्चे भी केदारनाथ में फंसे हैं, जिनके पास खाने और ओढ़ने को कुछ भी नहीं है।
सभी जगह से मायूसी मिली
बता दें सोमवार अलसुबह से ही मंत्रियों के घरों के चक्कर काट रहे छात्रों को सभी जगह से मायूसी मिली है। रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, उत्तरकाशी के छात्रों के दल ने आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और रुद्रप्रयाग के पूर्व विधायक आशा नौटियाल से मुलाकात कर परिजनों को बचाने की गुहार लगाई।
गांधी पार्क में प्रदर्शन
आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के जवाब से असंतुष्ट छात्रों ने गांधी पार्क में सरकार, प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा कि आपदा प्रबंधन मंत्री के पास कोई एक्शन प्लान नहीं है जिससे जगह-जगह फंसे लोगों को जल्द राहत पहुंचे।