बिंदाल नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती के सैकड़ों लोग आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। मौसम विभाग की ओर से दी गई भारी बारिश की चेतावनी और पुलिस द्वारा सुरक्षित जगह पर जाने की हिदायत के बावजूद फिलहाल लोग अपने घरों में ही कैद हैं।
आसमान में घिरते बादल इस इलाके के उन सैकडों लोगों की पेशानी पर बल डाल देते हैं, जिनके लिए बिंदाल का तट ही आसारा है। उन्होंने सुरक्षा के लिए मामूली जुगत भी लगा रखी है, लेकिन नदी आने की आशंका से एकबार फिर सहमे हुए हैं।
बारिश की तैयारी के बारे में स्थानीय निवासी भोलू साहनी ने बताया कि आम दिनों में पानी बजरी के कट्टों से रुक जाता है। मगर बारिश होते ही नदी उफान में आ जाती है। तब बच्चों और सामान सहित पुल के समीप बने बड़े कॉम्पलेक्स में चले जाते हैं।
बस्ती में करीब 400 लोग रहते हैं। वहीं चुलहाय पासवान ने बताया कि बरसात में घर की चिंता किसे रहती है, बस अपनी जान की चिंता होती है। पानी बढ़ते ही समीप स्थित एक घर के आंगन में चले जाते हैं। बारिश में रात-रात भर उठे रहना पड़ता है।
वहीं टीचर्स कालोनी के मनोज ने बताया कि नाले में वैसे तो पानी कम ही आता है, लेकिन बीते साल इसके उफान में आने से काफी नुकसान हुआ था। जिस कारण अब नाले में पानी बढ़ते ही सभी लोग घर की छत में चले जाते हैं।
रिस्पना पुल के समीप नदी किनारे बसे लोग बारिश के समय प्राथमिक स्कूल के आंगन में शरण लेते हैं, तो काठबंगला इलाके के लोग घरों को छोड़कर ऊंचे स्थान पर चले जाते हैं।
पानी रोकने को लगाते हैं, गेट पर टीन
रायपुर रोड में लाडपुर पंचायत घर के समीप कालोनी में अक्सर पानी भरने की शिकायत रहती है। इस बार भी रास्ते पर बनी पुलिया बंद होने के कारण यहां स्थित घरों में पानी घुसने से लोगों को रात छत पर गुजारनी पड़ी थी, जिसके बाद रास्ते के ऊपर बनी पुलिया को तोड़ दिया गया।
स्थानीय निवासी थानेश्वर उपाध्याय ने बताया कि पानी भरते समय गेट के बाहर से टिन लगाकर ईंट की दीवार लगा देते हैं। इसके बाद भी पानी घर में घुसता ही है। कुछ ऐसा ही उपाय मोरोवाला क्षेत्र के निवासियों ने भी किया है।