अतिक्रमण से घिरे फुटपाथ खाली करने के हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी नहीं हो सका है। इस बात की तस्दीक राजधानी की सड़कें, बाजार कर रहे हैं।
वर्तमान में फुटपाथों पर पैदल चलना तो दूर, ये नजर भी कम आते हैं। अधिकांश व्यापारियों ने इन्हें अपनी दुकानों का हिस्सा जो बना लिया है।
नतीजा सिफर
हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने छह जून से फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने की कसरत शुरू की थी। नगर निगम, लोनिवि, एमडीडीए के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस फोर्स और जेसीबी एवं अन्य वाहनों से सुसज्जित टीम ने सात दिन शहर के अलग-अलग हिस्सों में दौड़ लगाई। लेकिन नतीजा सिफर रहा।
बारिश के बहाने लगा ब्रेक
कई क्षेत्र तो ऐसे थे जहां निगम की टीम के लौटने के कुछ घंटे बाद ही पता नहीं लग पा रहा था कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला होगा। हाईकोर्ट के आदेश के नाम की जा रही खानापूर्ति पर भी बारिश के बहाने ब्रेक लग गया। जबकि अभियान शुरू करने से पहले तय किए गए सभी क्षेत्रों में नगर निगम की जेसीबी नहीं पहुंची।
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इस स्थिति में नगर निगम ने जहां अतिक्रमण हटाया, वहां दोबारा फुटपाथ घेरने वालों पर कार्रवाई के साथ मुकदमा दर्ज होगा, यह बड़ा सवाल है।
यहां खाली कराए गए थे फुटपाथ
6 जून-पलटन बाजार
7 जून-गांधी रोड
10 जून-राजपुर रोड
11 जून-नैनी बेकरी चौक से रिस्पना पुल
12 जून-दून हास्पिटल चौक से द्वारका स्टोर
13 जून-चकराता रोड पर हनुमान चौक तक
14 जून-प्रिंस चौक से त्यागी रोड होते हुए धर्मपुर तक
यहां तो अभियान प्रस्तावित तक नहीं हुआ
कालिका माता मंदिर रोड, मोती बाजार, बैंड बाजार, झंडा बाजार, मच्छी बाजार, डिस्पेंसरी रोड, हनुमान चौक, करनपुर रोड, डीएल रोड, कांवली रोड आदि।
शहर में बारिश से शुरू हुई परेशानियों से अभियान रुका था। अब पुलिस और नगर निगम की टीम आपदा प्रभावित क्षेत्रों में गई है। इसलिए अभियान पूरा करने में परेशानी हो रही है। जल्द इसे शुरू किया जाएगा।
- हर्षवर्धन मिश्रा, एएमएनए