शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट लेकर प्राइमरी शिक्षक बनने का ख्वाब देख रहे 1147 नियमित बीटीसी अभ्यर्थियों की मंशा पर पानी फिर गया। हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद विद्यालयी शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में नियमित बीटीसी के सहायक अध्यापकों की भर्ती रोकने का आदेश जारी कर दिया है।
शिक्षा मित्र बीटीसी उपाधिधारकों ने नियमित बीटीसी को टीईटी में दी गई छूट को अदालत में चुनौती दी थी। 17 अक्टूबर को हाईकोर्ट की जस्टिस सुधांशु धूलिया की एकल पीठ ने सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में शिक्षा मित्र बीटीसी उपाधिधारकों को भी शामिल करने का आदेश दिया था। साथ ही कहा कि जो भर्तियां हो चुकी हैं, उन्हें अदालत के निर्णय के आलोक में रखा जाए। हाईकोर्ट का यह आदेश सोमवार को विद्यालयी शिक्षा निदेशालय को मिला। देर शाम निदेशालय ने सभी जिलों को आदेश जारी कर फिलवक्त के लिए नियमित बीटीसी की सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी।
इस रोक के बाद अब सिर्फ उन्हीं की भर्ती प्रक्रिया चालू रह सकेगी, जिन्होंने सहायक अध्यापक पद की पात्रता और योग्यता रखने के साथ ही टीईटी भी उत्तीर्ण कर रखी है। इसमें उन शिक्षा मित्रों की किस्मत खुल गई, जो बीटीसी प्रशिक्षण लेने के साथ ही टीईटी पास हैं। हालांकि चंपावत जिले में 85 नियमित बीटीसी को सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त किया जा चुका है। बाकी जिलों में अभी प्रक्रिया चल रही है।