देहरादून। जुड़वां बहनों ताशी और नुंग्शी के कदम एक के बाद एक ऊंची चोटियों पर पड़ रहे हैं। अब दोनों बहनों ने रूस और यूरोप के बीच स्थित एलब्रुस चोटी फतह की है। इससे पहले इसी महीने उन्होंने हिमाचल में सिगरी ग्लेशियर भी पार किया।
ताशी और नुंग्शी के पिता रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र सिंह मलिक ने बताया कि ताशी और नुंग्शी ने 22 अगस्त को यूरोप और एशिया को बांटने वाली ककासास पर्वत शृंखला की 18510 फीट (5642 मीटर) ऊंची एलब्रुस चोटी फतह की। मलिक ने बताया कि दोनों रविवार को रूस से लौट आई हैं और अभी दिल्ली में हैं। तीन सितंबर को ताशी-नुंग्शी दून आ जाएंगी। मलिक ने बताया कि इससे पूर्व आठ और नौ अगस्त को उनकी बेटियों ने हिमाचल प्रदेश में 21 हजार फीट ऊंचाई पर स्थित सिगरी ग्लेशियर को पार किया। मलिक ने बताया कि फोन पर बातचीत में ताशी और नुंग्शी ने बताया कि एलब्रुस चोटी पर फतह के दौरान बेहद खराब मौसम और तेज हवा का सामना करना पड़ा। यह चोटी यूरोप की सबसे ऊंची चोटी है। मलिक ने बताया कि अभियान के दौरान ताशी-नुंग्शी को एवरेस्ट फतह से मिला अनुभव काम आया।