देहरादून। बेटी की कार्नियल अंधता से परेशान एक पिता की तपस्या पूरी हो गई है। कार्निया के प्रत्यारोपण के बाद बिटिया की आंख में रोशनी आई तो पिता को लगा कि दुनिया रोशन हो गई। पिता ने लाडली की शादी की तैयारी शुरू कर दी है।
अमर उजाला के नेत्रदान जागरूकता अभियान का कार्नियल अंधता से पीड़ित लोगों की जिंदगी पर असर दिखने लगा है। स्वर्गीय तृप्ता कश्यप की कार्निया कार्नियल अंधता से पीड़ित एक युवती को लगाई गई है। इससे उसकी अंधेरी आंख में रोशनी लौट आई। युवती को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। कार्निया प्रत्यारोपण हिमालयन अस्पताल की नेत्र रोग विभाग के आई बैंक प्रभारी डा. नीती गुप्ता ने किया था। परिजनों का कहना है कि आंख में संक्रमण होने से युवती की आंखों में अल्सर हो गया था। अल्सर तो ठीक हो गया लेकिन कार्निया खराब हो गई। आंख खराब होने से शादी में दिक्कत आ रही थी। लेकिन अब जल्द ही हाथ पीले हो जाएंगे।