देहरादून। एनआरआई युवक से बेटी का रिश्ता कराना जम्मू के एक परिवार को महंगा पड़ गया। बेटी ने अपने पूरे परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। यही नहीं, युवती ने पुलिस को भी कानून का पाठ पढ़ाते हुए अपने संवैधानिक अधिकार गिना दिए।
मूलत: जम्मू निवासी नरेंद्र पाल कौर क्लेमेंटटाउन स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करती है। वह क्लेमेंटटाउन में ही रहती है। उसके पिता सेना में हैं। परिवार उनके साथ जम्मू में ही रहता है। तीन साल से नरेेंद्र देहरादून के क्लेमेंटटाउन में एक निजी कंपनी में जॉब कर रही है। कुछ महीने पूर्व परिजनों ने उसका रिश्ता अमेरिका में नौकरी कर रहे एक युवक से करा दिया। दोनों की सगाई भी हो गई। कुछ समय बाद नरेंद्र ने शादी करने से इनकार कर दिया। जानकारी मिलने पर माता-पिता बेटी को लेने दून आए तो नरेंद्र ने पुुलिस बुला ली। पुलिस के आते ही परिजन जम्मू लौट गए।
19 जुलाई को नरेंद्र के परिजन फिर दून आए और बेटी को साथ ले जाने की कोशिश की। इस पर नरेंद्र क्लेमेंटटाउन थाने पहुंच गई। मंगलवार को परिजन एसएसपी केवल खुराना से मिले। वे मुलाकात कर निकले ही थे कि नरेंद्र वहां आ गई। उसे देख माता-पिता और छोटे भाई-बहनों ने उसे जबरन कार में बिठाकर ले जाने की कोशिश की। लेकिन वह भाग निकली। बुधवार को नरेंद्र एसएसपी से मिलने पहुंची और परिजनों के खिलाफ अपहरण के प्रयास का मुकदमा दर्ज करने का आग्रह किया। इस दौरान उसने कहा कि संविधान के तहत उसे अपनी इच्छा के अनुसार जिंदगी जीने का अधिकार है। एसएसपी ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
परिजनों का महिला दारोगा पर आरोप
देहरादून। नरेंद्र के परिजनों ने बुधवार को एसएसपी से मुलाकात की। बताया कि उनकी बेटी एक महिला दारोगा के प्रभाव में है। आरोप लगाया कि उनकी बेटी ड्रग्स का सेवन करती है, जिससे वह अजीब व्यवहार करने लगी है। परिजनों ने महिला दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।