देहरादून। खेल सामग्री की खरीद-फरोख्त में होने वाले कीमतों के खेल पर अब अंकुश लग जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में मई से फरवरी (10 महीने) तक जिला खेल विभाग के तत्वावधान में विभिन्न खेलों के प्रशिक्षण शिविर लगाए जाते हैं। इस दौरान खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर पहुंच वाले लोगों के जरिये ही खेल सामग्री खरीदकर दी जाती है। कई बार विभाग को अधिक कीमतों पर सामान सप्लाई करने की शिकायतें आती रही हैं। ऐसे में विभाग ने हेराफेरी पर लगाम के लिए ओपन टेंडर करने के निर्देश हर जिले को दिए हैं। खास बात यह है कि खरीद से पहले एक गुणवत्ता कमेटी का गठन भी किया जाएगा, जो टेंडर के दौरान खेल सामग्री की पड़ताल करेगी। इस कमेटी में कोच भी शामिल रहेेंगे।
दून में हो चुका टेंडर
जिला योजना में देहरादून के लिए 15 लाख रुपये का बजट रखा गया है। जिले में 12 जुलाई को खेल सामग्री की खरीद के लिए टेंडर किया जा चुका है। इस प्रक्रिया में विभिन्न खेलों के कोच भी शामिल रहे। उनके चयन के बाद 16 जुलाई को खरीदी जाने वाली सामग्री की सूची बना ली गई है। जल्द ही खिलाड़ियों को सामान उपलब्ध हो सकेगा।
इन कंपनियों की आएगी खेल सामग्री
एसजी, स्पार्टन, नीविया, कॉस्को, पेंटा, योनेक्स, शिवनरेश
महीने में दी जाने वाली खेल सामग्री (नियम के अनुसार)
फुटबाल- 3, हैंडबॉल-2, वॉलीबाल-3, बास्केटबाल-2 गेंद, बैडमिंटन 240 शटल और नेट, टेबल टेनिस-36 गेंद, बेसबाल-6 गेंद, बॉक्सिंग- हेड केयर, पंचिंग पैड, पंचिंग बैग, क्रिकेट-18 गेंद, 2 बैट, पैड और अन्य सामान, हॉकी-एक दर्जन गेंद, हॉकी स्टिक, पैड आदि
(यह सामग्री जिला खेल कार्यालय के तहत लगने वाले प्रशिक्षण शिविरों में दी जाती है)
जिला योजना के तहत खेल सामग्री के लिए 15 लाख रुपये का बजट रखा गया है। पारदर्शिता बनाए रखने को अब खेल सामग्री मंगाने के लिए जिला स्तर पर टेंडर प्रक्रिया कराई जा रही है।
-राजेश ममगाईं, जिला खेल अधिकारी