देश के कोने-कोने में हमेशा एक साथ घूमने वाले दो मित्रों में से एक भरतपुर राजस्थान निवासी वीरेंद्र अबकी बार अपने दोस्त के साथ केदारनाथ यात्रा पर नहीं गए, लिहाजा केदारघाटी की उस विभीषिका से उनकी जान बच गई, मगर उन्हें मलाल है कि उनकी दोस्ती हमेशा के लिए छूट गई।
पढ़े, उत्तराखंड की खबरों की विशेष कवरेज
ऋषिकेश स्थित संयुक्त यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड में स्थापित पुलिस बूथ पर अपने मित्र की गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे रूपवास, भरतपुर राजस्थान निवासी वीरेंद्र कुमार शर्मा वहां टंगी प्राकृतिक आपदा में लापता लोगों की तस्वीरों में किसी प्रिय को खोज रहे थे। पूछने पर वह भावुक हो गए।
नम आंखों से बोले मेरा लंगोटिया यार श्याम सुंदर (52) और उसकी पत्नी सावित्री रानी (49) केदारनाथ के जलप्रलय में खो गए हैं। उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने आया हूं। यह कहकर उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। पेशे से वकील शर्मा ने बताया कि वह अपने मित्र (श्याम सुंदर) के साथ आज तक हमेशा देशभर में तीर्थयात्रा या फिर घूमने एक साथ गए हैं। पहली बार हुआ कि मैं उनके साथ केदारनाथ नहीं जा पाया और यह हादसा हो गया।
पखवाड़े भर से तलाश रहे हैं
उन्होंने बताया कि उनके परिवार द्वारा बदरीनाथ धाम में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया था, जिसके कारण वे केदारनाथ नहीं जा पाए, मगर मित्र (श्यामसुंदर) ने केदारनाथ दर्शन के बाद बदरीनाथ में भागवत कथा में पहुंचने का वायदा किया था। मगर वे नहीं...। उन्होंने बताया कि उन्हें पखवाड़े भर से तलाश रहे हैं, देहरादून से लेकर गौरीकुंड तक छान मारा, मगर कुछ भी पता नहीं चल रहा। थक हारकर गुमशुदगी रिपोर्ट कराने पहुंचे हैं।