आपदा के बाद मानव तस्करी को भी अंजाम दिया जा रहा है। सैकड़ों की तादात में जिन बच्चों को ‘मिसिंग’ या उनकी ‘मौत’ मान लिया गया, उनमें कई को सीमा पार कराकर नेपाल पहुंचाया गया।
शनिवार को सूचना पुलिस के आलाधिकारी को मिली तो हड़कंप मच गया। सोमवार को वायरलेस में करीब तीन घंटे तक सूचना फ्लैश की गई और सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
आपदा में माता-पिता को खो चुके बच्चों पर एक और आपदा आई है। उन पर मानव तस्करों की नजर गढ़ गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कई बच्चों को तस्कर बार्डर पार कराके नेपाल ले जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को जानकारी मिलने पर जिले की पुलिस को चेकिंग अभियान शुरू करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस को सख्त निर्देश दिए
रुद्रप्रयाग में अनाथ हो चुके बच्चों के लिए अलग वाहन कर दून लाने की व्यवस्था की गई। मंगलवार शाम तक प्रशासन ने इन बच्चों को ऋषिकेश लाना था। लेकिन कई जगह रोड ब्लॉक हो जाने से बुधवार को इन्हें ऋषिकेश पहुंचाया जाएगा। पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बच्चा अकेले मिले या किसी के साथ उसकी हर हाल में जांच की जाए।
सीमाओं पर मंगलवार से ही चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। ऋषिकेश को खासकर फोकस किया गया है। वहां पर हर संदिग्ध पर नजर रखी जा रही है।
मुर्गों के साथ आया बच्चा
एक ऐसा दृश्य जिसको देखकर कठोर से कठोर व्यक्ति भी रो गया। ऐसा हृदय विदारक दृश्य तब देखने को मिला जब रुद्रप्रयाग से एक मासूम मुर्गे ढाने वाले वाहन से ऋषिकेश पहुंचा। बच्चे के मां-बाप लापता हैं। पुलिस के पास पहुंचे बच्चे को कुछ नहीं पता कि उसके मां-पापा कहां हैं।
उसे एक महिला कांस्टेबल ने गोद में उठाया तो बच्चा हंस पड़ा। यह देख सभी सुबकने लगे। यह हाल पुलिस अधिकारियों को पता चला तो उन्होंने तुरंत ऐसे बच्चों को लाने के लिए अलग व्यवस्था करने के आदेश दिए।