शुक्लापुर हैस्को के कार्यालय और लैब में पानी घुस गया। पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा की झोपड़ी पानी के बहाव में बह गई। बहुगुणा को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया।
तालाब के रूप में तब्दील
हैस्को के डा.अनिल जोशी ने बताया कि पहली बार उनके परिसर में इतनी तेजी से पानी का बहाव हुआ है। मिट्ठी बेहड़ी गांव की सड़क को चौड़ी करने के लिए नहर को अंडरग्राउंड करने से पानी निकासी में दिक्कत आई। सड़क का पूरा पानी शुक्लापुर गांव पहुंचने से हैस्को का पूरा परिसर तालाब के रूप में तब्दील हो गया।
सरकारी विभाग शहर का सत्यानाश करने के बाद अब गांवों को भी बरबाद करने पर तुले हैं। प्राकृतिक जल निकासी को खत्म किया जा रहा है। यह ठीक नहीं है। इसको लेकर मैं मुख्य सचिव से बात करूंगा। हैस्को का लैब पांच करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।