‘दीगरां नसीहत और खुद मियां फजीहत’ वाली कहावत विश्व रक्तदाता दिवस पर देखने को मिली। स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने सिर्फ खून की जांचें कराईं और रक्तदान नहीं किया। भाषण में रक्तदान के प्रति लोगों को प्रोत्साहित खूब किया।
रक्तदान नहीं किया
पूछा तो बोले कि ‘पहले ब्लड दिया है, आज बाहर जाना है नहीं तो देते।’ इस दौरान ब्लड देने के बाद इंटर की छात्रा ज्योति बेहोश हो गई। इससे कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति रही। उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के बैनर तले राजपुर रोड स्थित एक होटल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान के लिए दूसरों को प्रोत्साहित करने वाले अधिकांश लोगों ने सिर्फ रक्तदाताओं की फेहरिस्त में नाम जुड़वाया, रक्तदान नहीं किया।
101 बार किया रक्तदान
सर्वे आफ इंडिया के सेक्शन आफीसर अनिल वर्मा ने 81वीं और योगेश अग्रवाल ने 101 बार रक्तदान किया। होटल के एक बड़े से हॉल में दून हॉस्पिटल ब्लड बैंक की टीम रक्तदान करवा रही थी। हॉल में बड़ी उमस थी। छात्रा ज्योति रक्तदान के बाद बेहोश होकर लुढ़क गई। बाद में मुंह पर पानी का छींटा मारकर उसे होश में लाया गया।
रक्तदाताओं को सम्मानित किया
डा. एसके नौटियाल ने बताया कि गर्मी की वजह से छात्रा को गश आया। यहां 70 यूनिट ब्लड मिला। आईएमए ब्लड बैंक में रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। निदेशक तकनीकी डॉ संजय उप्रेती ने बताया कि साढ़े चार सौ यूनिट ब्लड लोगों ने डोनेट किया। मुख्य अतिथि कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना थे। इसी तरह इंद्रेश हॉस्पिटल में 70 यूनिट रक्तदान हुआ।