देहरादून। शराब पीकर वाहन दौड़ा रहे एक सिटी बस चालक को पुलिस ने पकड़कर बस सीज की तो एक छात्रनेता ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर (टीएसआई) से भिड़ गया। बाद में पुलिसकर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने घंटाघर पर प्रदर्शन कर जाम लगा दिया। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का दावा है कि टीएसआई के माफी मांगने पर ही वे लौटे।
बुधवार शाम एक सिटी बस चकराता रोड से राजपुर की ओर जा रही थी। घंटाघर पर कुछ लोगों ने बस रुकवा ली। आरोप था कि चालक नशे में धुत है। मौके पर तैनात टीएसआई विजय विक्रम ने एल्कोमीटर से जांच की तो चालक के नशे में होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने बस कब्जे में ले ली। उसे सीज करने की कार्रवाई चल रही थी कि एनएसयूआई से जुड़े छात्रनेता नितिन जोशी मौके पर पहुंच गए। जोशी ने गाड़ी सीज करने का विरोध किया। आरोप है कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जोशी से धक्कामुक्की की। इस पर जोशी ने अपने साथियों को बुला लिया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए घंटाघर पर जाम लगा दिया। आरोप था कि पुलिस चालान के नाम पर 5000 रुपये मांग रही थी। छात्र टीएसआई को निलंबित करने की मांग करने लगे। उधर, सूचना पर कोतवाली, डालनवाला और राजपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
बाद में एसपी सिटी जगदीश चंद प्रदर्शनकारियों को धारा चौकी ले गए। वहां टीएसआई को बुलाकर दोनों का पक्ष सुना गया। पुलिस के मुताबिक बातचीत के बाद मामला सुलझा लिया गया। उधर, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का कहना था कि टीएसआई के माफी मांगने पर वे लौटे।
प्रदर्शन में एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संदीप कुमार, महासचिव प्रकाश गिरि, जिलाध्यक्ष विनीत प्रसाद भट्ट, आलोक नेगी, मोहन भंडारी, भूपेंद्र नेगी, दिग्विजय, भगवती प्रसाद, राशिद आदि प्रदर्शनकारियों में शामिल रहे।