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2014 में 50 से 100 हो जाएंगी एमबीबीएस की सीटें

Tue, 29 Jan 2013 05:30 AM IST
Dehradun
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ऋषिकेश। वर्ष 2014 में एम्स में एमबीबीएस की निर्धारित 50 सीटें बढ़कर 100 हो जाएंगी। साथ ही अगले वर्ष से ही बीसीए नर्सिंग कोर्स की क्लास भी शुरू हो जाएंगी। इसके लिए 60 सीटों का कोटा निर्धारित किया गया है। यह खुलासा किया स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव एसके नायक ने। उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इस साल के अंत तक ट्रामा सेंटर शुरू हो जाएगा। साथ ही ओपीडी के भी जल्द खुलने की संभावना है।
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सोमवार को पशुलोक-बैराज मार्ग स्थित निर्माणाधीन एम्स में केंद्रीय टीम के साथ पहुंचे स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव एसके नायक ने एम्स की कार्य प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार एम्स का कार्य निश्चित समयावधि तक पूरा कराने को गंभीर है। मेडिकल कालेज सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। संयुक्त सचिव ने बताया कि एम्स में ट्रामा सेंटर और ओपीडी को जल्द शुरू करना प्राथमिकता में है। ट्रामा सेंटर और ओपीडी ब्लॉक का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है। निर्माण के बाद स्टाफ और आवश्यक संसाधन जुटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2013 के अंत तक ट्रामा सेंटर में उपचार शुरू हो जाएगा।
संयुक्त सचिव ने समूचे एम्स परिसर का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस मौके एम्स निदेशक प्रो. राजकुमार, प्रशासनिक अधिकारी राकेश कुमार, प्रोजेक्ट हेड एएम अमृत, उपनिदेशक (प्रशासक) सुशील कुमार, अधीक्षण अभियंता केएस नेगी, प्रोजेक्ट मैनेजर आरके तिवारी, फाइनेंस हेड अंकुर जैन आदि मौजूद थे।
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निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने कार्यदाई संस्था और एम्स के अधिकारियों की बैठक ली और परियोजना के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि मिनिस्ट्री से संबंधित लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाएगा। संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में करीब तीन घंटे चली बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति आदि महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।


घटिया निर्माण पर होगी कार्रवाई
घटिया निर्माण कार्य की जांच के लिए भारत सरकार द्वारा स्वतंत्र जांच एजेंसी गठित की गई है। एम्स के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी उक्त एजेंसी द्वारा ही कराई जाएगी। कार्य में गुणवत्ता की कमी पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त सचिव स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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फोटो फाइल नेम-15 और 16
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