देहरादून। गैंगरेप कांड के बाद गठित एंटी वुमन हैरेसमेंट सेल भी महिलाआें को ज्यादा राहत नहीं दे पाया है। दिल्ली में हुई घिनौनी घटना के बाद दून में 19 दिसंबर को वूमन साइबर सेल गठित किया गया था। बाद में इसे एंटी वुमन हैरेसमेंट सेल में मर्ज कर दिया गया। इस सेल में महिलाआें ने रविवार तक 68 शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें से सिर्फ दो ही मामलों में शिकायत दर्ज हो पाई। धमकी देने का एक मुकदमा कैंट कोतवाली और दूसरा विकासनगर में दर्ज किया गया।
सेल को मिली अधिकतर शिकायतें छेड़छाड़ और अश्लील फोन से संबंधित थीं। पुलिस का दावा है कि 15 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। हालांकि, इनमें कई ऐसे मामले भी हैं जिनमें आईडी उत्तर प्रदेश की पाए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया। पुलिस की बेरुखी के बाद पीड़ितों ने भी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। कई मामलों में मोबाइल नंबर की डिटेल न मिलन के कारण शिकायतें फाइलों में ही सिमट गई हैं। यह डिटेल एसओजी को देनी होती है, लेकिन उसे दूसरे अपराधों से फुर्सत मिले तो यह काम हो। एसएसपी केवल खुराना का कहना है कि अधिकतर मामलों में पीड़ित रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं हैं।
फीस वापस करेगा कॉलेज
देहरादून। दिल्ली में दरिंदगी का शिकार हुई युवती को श्रद्धांजलि देने के लिए दून स्थित एक शिक्षण संस्थान ने उसके परिजनों को चार साल की फीस वापस करने का फैसला किया है। युवती ने इसीकॉलेज में चार साल तक फिजियोथैरेपी की पढ़ाई की थी।