देहरादून। टिहरी बांध विस्थापितों को मुआवजे के रूप में मिली जमीन पर मकान बनाने के लिए लोन मिल सकता है, अगर जमीन रजिस्ट्री की है, तो। यह बात ज्यादातर बैंक साफ कर चुके हैं। इनकी मानें तो टीएचडीसी की ओर से नक्शे में छूट का प्रावधान चाहा गया था, जिसका बैंक पालन कर रहे हैं। टिहरी बांध विस्थापितों को नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं। पट्टे विस्थापन के लिए उन लोगों को इश्यू किए गए थे, जिनके पास टिहरी में अपनी जमीन नहीं थी। समस्या ऐसे ही लोगों के साथ आ रही है। इन्हें ट्रांसफर आफ टाइटल कराना ही होगा।
लोन तो रजिस्ट्री पर ही मिल सकता है। लोन के एवज में रजिस्ट्री को ही मोर्टगेज किया जाएगा। टिहरी में जिनकी भूमि थी, उन्हें टीएचडीसी ने बदले में रजिस्ट्री की जमीन ही आवंटित की है। जिनके पास ऐसा कुछ नहीं था, उनके नाम पट्टे हुए थे।
--अमित मित्तल, एसएमओ, बैंक आफ बड़ौदा
टाइटल आफ डीड देखकर ही फैसला हो सकता है कि आवंटी को लोन दिया जा सकता है या नहीं। टिहरी बांध विस्थापितों को मकान बनाने के लिए उनकी जमीन पर लोन दिया गया है। दिया जा रहा है।
--वीके सिन्हा, सहायक महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक