देहरादून। अब उत्तराखंड आने वाले सैलानी प्रदेश के ऐसे स्थलों के बारे में जान सकेंगे जो अभी तक पर्यटन नक्शे पर नहीं हैं। इसका जरिया बनेगी कॉफीटेबल बुक। बुक में उत्तराखंड के ऐतिहासिक स्थलों का ब्योरा, रोचक जानकारियां और उन स्थलों पर पहुंचने के तौर-तरीकों का ब्योरा होगा।
संस्कृति विभाग 47 स्मारकों की एक कॉफीटेबल बुक तैयार करा रहा है। इनमें से चार स्मारकों का ऑडियो विज़ुअल डाक्यूमेंटरी भी तैयार कराई जाएगी। इनमें संरक्षित स्मारकों सहित आसपास के गांवों का भी विवरण दिया जाएगा। विभाग की कोशिश होगी कि पर्यटकों तक इस बुक को पहुंचाया जाए। ताकि राज्य के मुख्य स्थानों पर पहुंचने वाले सैलानियों का रुझान इस ओर भी बढ़े। एक ही क्षेत्र की कई जगहों को वह देख सके।
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कॉफीटेबल बुक की खासियत
शानदार कागज से तैयार की गई एलबमनुमा किताब। मनमोहक चित्र होंगे। संरक्षित स्मारक संबंधी पूरी डिटेल। आने-जाने के बारे में पूरी जानकारी। संबंधित गांवों होंगे।
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राज्यभर के 47 संरक्षित स्मारकों की एक सूची अलग से तैयार कर ली गई है। वो चार स्थल भी चुन लिए गए हैं। जिनका ऑडियो विज़ुअल डोक्यूमेंटेशन करना है। पर्यटन विभाग को यह बुक दी जाएंगीं। होटल्स आदि में रख अधिक से अधिक पर्यटकों तक इस कॉफीटेबल बुक को पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। विभाग की ओर से पहली बार ऐसा प्रयास किया जा रहा है। वीना भट्ट, प्रभारी निदेशक, संस्कृति विभाग
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इनका होगा डाक्यूमेंटेशन
वैष्णव मंदिर समूह, पौड़ी गढ़वाल
देवालगढ़ मंदिर समूह, पौड़ी गढ़वाल
बाणासुर का किला, चंपावत
शिव मंदिर, चंपावत