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..तो पुलिस कर रही थी ‘समझौते’ का इंतजार

Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
Dehradun
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देहरादून। मामला रसूखदारों से जुड़ा हो तो पुलिस से लेकर सरकारी अधिकारियों तक की चाल किस तरह सुस्त हो जाती है, एएमएनए और मधुबन होटल के स्वामी के बीच विवाद से अंदाजा लगाया जा सकता है। एएमएनए की ओर से शिकायत दिए जाने के 24 घंटे बाद भी पुलिस ने ‘समझौते’ के इंतजार में रिपोर्ट दर्ज नहीं की। वहीं, रिपोर्ट न होने पर शनिवार दोपहर तक अदालत जाने की बात कह रहीं एएमएनए के सुर भी शाम होते-होते बदल गए। देर शाम उन्होंने यह कहते हुए शिकायत वापस ले ली कि होटल स्वामी ने माफी मांग ली है। हालांकि, इसके बाद से उनका फोन लगातार स्विच आफ है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि किसी दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया। अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब अफसर और पुलिस तक ‘मैनेज’ हो जाती है तो आम आदमी की सुनवाई कहां-कैसे होगी।
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यह था विवाद
शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने राजपुर रोड स्थित मधुबन होटल के होर्डिंग्स उतारकर जब्त कर लिए थे। सामान लौटाने की मांग पर होटल स्वामी एसपी कोचर की उप मुख्य नगर अधिकारी सादिया राशिद खान से बहस हो गई थी। खान का आरोप था कि कोचर ने उनसे अभद्रता की। खान ने निगम कर्मियों को रिपोर्ट कराने डालनवाला थाने भेजा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने दो घंटे तक उन्हें बैठाए रखा। आखिर इंचार्ज के न होने की बात कहकर निगम कर्मियों को लौटा दिया गया। देर शाम किसी तरह शिकायत ली गई, लेकिन 24 घंटे बाद भी रिपोर्ट नहीं हुई। इसे लेकर एएमएनए काफी खिन्न थीं।

मेयर ने भी कहा था कार्रवाई को
एएमएनए से अभद्रता पर मेयर विनोद चमोली ने भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कार्यवाहक डीएम, सीडीओ सुशील कुमार और एसएसपी केवल खुराना को फोन कर कोचर के खिलाफ कार्रवाई को कहा था। मेयर का कहना था कि एएमएनए कोर्ट के आदेश का अनुपालन कर रही थीं। उनसे अभद्रता अदालती कार्रवाई में रोक डालना है। चमोली के मुताबिक उनके लिए निगम अधिकारियों-कर्मचारियों के हित सर्वोपरि हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि एएमएनए ने शिकायत वापस क्यों ली, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
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कार्य बहिष्कार स्थगित
घटना के विरोध में नगर निगम कर्मचारी सोमवार से कार्य बहिष्कार करने की तैयारी में थे। लेकिन होटल स्वामी के माफी मांगने के बाद कर्मचारियों ने यह निर्णय स्थगित कर दिया। नगर विकास कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष नाम बहादुर ने कहा कि अब अन्य मांगों को लेकर कर्मचारी सोमवार से धरना देंगे। एमएनए से कई बार वार्ता के बाद भी हल न निकलने पर तीन दिन बाद कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
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