ऋषिकेश। 20वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में बाल वैज्ञानिकों ने राज्य में ऊर्जा की संभावनाएं, उपयोग और संरक्षण पर वैज्ञानिक हुनर का प्रदर्शन किया। पौड़ी जनपद स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख प्रशांत बडोनी, खंड शिक्षाधिकारी आशुतोष भंडारी और राज्य समन्वय संस्था ‘पहल’ की राज्य संयोजक कमला पंत ने संयुक्त रूप से किया।
सोमवार को राजकीय इंटर कालेज, लक्ष्मण झूला में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में जनपद पौड़ी के 10 विकासखंडों के 60 बाल वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रशांत बडोनी ने बाल प्रतिभाओं को खोजने के लिए इस तरह के आयोजनों को आवश्यक बताया।
विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रोजेक्ट के माध्यम से वन संरक्षण की दृष्टि से लकड़ी की कम खपत के लिए उन्नत चूल्हों के उपयोग पर जोर दिया। साथ ही किसी ने राज्य में विलुप्त होते घराटोें को पुनर्जीवित कर वैकल्पिक ऊर्जा तैयार करने की वकालत की। लैंटाना घास पर चिंता जताते हुए बाल वैज्ञानिकों ने इसके उन्मूलन का उपाय सुझाया, साथ ही पर्यावरण को बचाने और ऊर्जा की खपत कम करने के लिए सीएफएल बल्बों के इस्तेमाल की अपील की।
निर्णायक मंडल में सुलोचना गौड़, देवेंद्र तड़ियाल, शिवचरण रावत, शिवेंद्र रावत, अनिल काला, इंदू शर्मा, प्रबोध उनियाल, सतीश ने बाल वैज्ञानिकों के प्रोजेक्टों का अवलोकन पर अंक दिए। प्रधानाचार्य प्रकाश चंद्र वैष्णव ने बताया कि परिणामों की घोषणा मंगलवार को की जाएगी।
इस अवसर पर जनपद संयोजक विजयलक्ष्मी सेमल्टी, विनोद कुकरेती, कृष्ण कुमार जोशी, शंभू प्रसाद, गजेंद्र नेगी, राजेंद्र सुंद्रियाल, विनोद शर्मा, जेपी शर्मा, संदीप कुकरेती, नरेंद्र कैंथोला, रिंकी डबराल, अशोक क्रेजी, मुकेश वशिष्ठ, पूनम, सुभाष त्यागी, बनवारी लाल आदि मौजूद थे।