डोईवाला। किसी के घर की छत पर एक बड़ा सा बाज बैठा है तो किसी कि छत पर हवाई जहाज सीधे लैंड कर रहा है। इतना ही नहीं घोड़े, गाय और बैल भी छतों पर ‘टहल’ रहे हैं। जी हां! हम किसी काल्पनिक दुनिया नहीं हकीकत की बात कर रहे हैं। दरअसल, छतों के ऊपर दूर से ही दिखाई देने वाली ये सुंदर कलाकृतियां पानी की टंकियां हैं। जो वर्षों से पंजाब प्रांत की पहचान बनी अब उत्तराखंड भी पहुंच चुकी हैं।
अपने घरों को खास लुक देने के लिए छतों पर लोग पानी की टंकियों को भी पसंदीदा डिजाइन में बनवा रहे हैं। पंजाब में खासा प्रचलित यह ट्रेंड यहां भी खूब पसंद किया जा रहा है। इन दिनों पंजाब से आए कारीगर नुन्नावाला में ऐसी टंकियों को बनाने में जुटे हैं। उनके द्वारा पानी की इन टंकियों को विभिन्न कलाकृतियों के रूप में बनाया जाता है। कारीगर अंगरेज सिंह और जीतेंद्रवीर सिंह का कहना है कि उनके पास रोज डिमांड बढ़ रही है। यह टंकियां प्लास्टिक के मुकाबले काफी मजबूत होती हैं और घर को एक अलग तरह की सुंदरता प्रदान करती हैं। खर्च सामान्य टंकियों से कुछ ज्यादा है। क्षमता अनुसार इनकी कीमत पांच हजार से तीस हजार के बीच बैठती है।