देहरादून। खुद को एनआरआई गौरी घोसले बताकर सहारनपुर पुलिस को परेशानी में डालने वाली पश्चिम बंगाल की समीना का सौदा देहरादून के गुरु रोड स्थित एक लॉज में किया गया था। तलहेडी बुजुर्ग गांव के राजू के साथ उसका सौदा किसी अनीता शर्मा नामक महिला ने कराया था। सहारनपुर पुलिस ने बुधवार की रात छापा मारा तो ये बातें सामने आई।
देवबंद के ग्राम तल्हेडी बुजुर्ग में रह रही मालदा, पश्चिम बंगाल की समीना ने यह दावा किया था कि वह लंदन से फरार हुई गौरी है। जिस पर सहारनपुर पुलिस ने उसकी कहानी को सच मान लिया ओर रिपोर्ट भी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। बाद में पता चला कि वह गौरी नहीं बल्कि समीना है जो अपने प्रेमी बीएसएफ के जवान इरफान के साथ भागकर शिमला तक पहुंच गई थी लेकिन इरफान के शादीशुदा होने की बात सामने आने पर लौटते वक्त भटकते-भटकते वह जिस्म के सौदागरों के हत्थे चढ़ गई। दिल्ली में पहली बार बिकने के बाद वह 16 अक्तूबर को देहरादून लाई गई। समीना को देहरादून में बेचे जाने की बात सामने आने पर सहारनपुर की एसओजी तथा देवबंद पुलिस ने बुधवार को देहरादून पुलिस के साथ गुरु रोड स्थित एक लॉज में छापा मारा। जांच में पता चला कि 16 अक्तूबर को समीना इस लॉज में एक कार चालक के साथ ठहरी थी। कार चालक ने परितोष के नाम की आईडी दी थी। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि अनीता शर्मा नामक महिला ने उसका सौदा यहां कराया था। एसएसपी नीरू गर्ग ने इस मामले में विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
‘गौरी’ 24 घंटे बाद समीना बन गई
सहारनपुर। एनआरआई बनने की एक कहानी गढ़ी देहाती सी दिखने वाली देसी लड़की ने, दूसरी इस सफेद झूठ पर आंख मूंदकर भरोसा कर उसके जाल में फंसने वाली पुलिस ने। नतीजा.....एक ऐसा अफसाना बन गया, जिसने सहारनपुर पुलिस की घटिया कार्यशैली को दुनियाभर में बेपर्दा कर दिया। जमकर किरकिरी हुई, तो हड़बड़ाए पुलिस अफसरों ने तमाम दोष युवती पर ही मढ़ दिया। एसपी देहात डॉ. अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि मालदा निवासी यह युवती कई बार मानव तस्करी का शिकार हुई और पुलिस का ध्यान खींचने के लिए ही उसने एनआरआई गौरी की कहानी गढ़ी।
कहीं जासूस तो नहीं शमीना
शमीना से इंटेलीजेंस, एलआईयू, एसओजी के साथ ही आला पुलिस अफसरों ने पूछताछ की तो काफी चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं हैं। पुलिस की परेशानी बढ़ाने वाले कई सवाल उठ रहे हैं। पहला कि वेस्ट बंगाल से शिमला, नई दिल्ली से सहारनपुर तक युवती कैसे पहुंची। दूसरा पांच भाषाएं और जूडो-कराटे एक्सपर्ट और मालदा बार्डर इलाके की निवासी। साथ ही उसके बीएसएफ के जवानों इरफान, अंकुर से लिंक। इस सभी ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिये हैं। ऐसे में कहीं वह जासूस तो नहीं है, इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।